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हम तो तेरी अदा पर फ़िदा हो गये,
दीनो दुनिया सभी अलविदा हो गये।
अब न जन्नत की ख्वाहिश न दोज़ख का डर,
दिल की औकात क्या हम तो खुद खो गये।
Source page 309
अब खुदा की इबादत की आदत गई,
हम ही तुम हो गये तुम ही हम हो गये।
बेवफा तुम सा कोई न देखा सुना,
फिर भी लौटे न वो तेरे दर जो गये।
बेवफा की ज़फा ही है सच्ची वफा,
राजदां है “कृपालु” तेरे हो गये।
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