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मोरी भोरी सी किशोरी, तनु गोरी, रसबोरी,
(ओरे मोरे मन...)
मोरी भोरी सी किशोरी, तनु गोरी, रसबोरी,
चोरी चोरी चित चोरी चितचोरहुँ की।
रसिक रँगीली, गुन गर्वीली,
छैल छबीली श्री राधे।
Source page 138
रूप उजागरि, सब गुन आगरि,
रति रस नागरि श्री राधे।
मोरी सोइ स्वामिनि, जोइ स्वामिनि,
रसिकन के सिरमोरहुँ की।
प्रीतम प्यारी भानुदुलारी,
भोरी भारी श्री राधे।
गति अलबेली, मति अलबेली,
रति अलबेली श्री राधे।
सहि न सकत रस रसिक शिरोमणि,
चितवनि चितवनि-कोरहुँ की।
बेसर वारी सेंदुर वारी,
चूनरि वारी श्री राधे।
गति गज गामिनि, छवि अभिरामिनि,
सोइ मम स्वामिनि श्री राधे।
चलत “कृपालु” न सन्मुख एकहुँ
बरजोरी बरजोरहुँ की।
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