कीर्तन 1–50
कीर्तन 19 · Kirtan 19
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
बलिहार ब्रजेन्द्रकुमार, तेरी महिमा अपरम्पार।
बलिहार ब्रजेन्द्रकुमार, तेरी महिमा अपरम्पार।
कह निराकार श्रुति चार, कत नराकार तनु धार?
तुम तो कह वेद पुकार, हौं पितु अनादि संसार।
पुनि को लग नंद तिहार, कत सब कह नन्दकुमार?
बिनु शरण न हो उद्धार, यह कह तुम बारम्बार।
पुनि गरल पिवावनिहार, कत दिए पूतनहिं तार?
तोहिं आत्माराम पुकार, सब शास्त्र वेद सरकार।
पुनि कत बनि कुबरिहुँ यार, किय श्रुति विरुद्ध व्यवहार?
तुम महाकाल भरतार, अस कह श्रुति संत पुकार।
पुनि जरासंध डर यार, कत भजि गयो सागर पार?
