कीर्तन 51–100
कीर्तन 75 · Kirtan 75
Radha meri thakurani, Vrindavan rajdhani · Roman pronunciation · site label
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधा मेरी ठकुरानी, वृन्दावन रजधानी।
राधा मेरी ठकुरानी, वृन्दावन रजधानी।
राधा मेरी ठकुरानी, मैं तो राधा की दीवानी।
राधा मेरी रसखानी, मैं तो राधा की दीवानी।
राधा ब्रजरस खानी, मैं तो राधा की दीवानी।
राधा मेरी ठकुरानी, ब्रह्म करें अगवानी।
राधा मेरी ठकुरानी, हा हा खायँ चक्रपानी।
राधा मेरी ठकुरानी, वृन्दावन महरानी।
राधा मेरी ठकुरानी, अपनावो दासी मानी।
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राधा मेरी ठकुरानी, ध्यावें योगी ज्ञानी ध्यानी।
राधा मेरी ठकुरानी, पाँचों मुक्ति भरें पानी।
राधा मेरी ठकुरानी, भोरे कहें बौरानी।
राधा मेरी ठकुरानी, सेवें उमा रमा वानी।
राधा मेरी ठकुरानी, मुक्तिदानीहूँ को दानी।
राधा मेरी ठकुरानी, सेवें शंभु शुक ज्ञानी।
राधा मेरी ठकुरानी, ज्ञानी विज्ञानी अज्ञानी।
राधा मेरी ठकुरानी, ऊँचे महलन रानी।
राधा मेरी ठकुरानी, नेति कहे वेद वानी।
राधा मेरी ठकुरानी, स्वामिनि “कृपालु” मानी।
