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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 144 · 168/240

कीर्तन 101–150

कीर्तन 144 · Kirtan 144

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

7 source linesपुस्तक पृष्ठ 242–243PDF 263–264

श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम।

(परिक्रमा)

श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम।

माँ कौशल्या नंदन राम, दशरथ अजिर बिहारी राम।

जगवंदन रघुनंदन राम, सुर नर मुनि मनहारी राम।

सुर नर मुनि मन हारी राम, दशरथ अजिर बिहारी राम।

Source page 243

जय जय दशरथनंदन राम, जय जय कोटि काम अभिराम।

तुम ही तो हो मेरे राम, मैं भी तो हूँ तेरो राम।

ब्रज रस माधुरी · भाग १168
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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