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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 83 · 107/240

कीर्तन 51–100

कीर्तन 83 · Kirtan 83

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

38 source linesपुस्तक पृष्ठ 155–157PDF 176–178

हमारो धन राधा राधा राधा राधा राधा,

हमारो धन रा-धा राधा राधा।

प्राणधन रा-धा राधा राधा।

जीवन धन रा-धा राधा राधा।

श्री राधे जू की शरण न एकहुँ बाधा। हमारो धन....।

श्री राधे जू हैं छवि निधि प्रेम अगाधा। हमारो धन....।

श्री राधा बिनु चैन न पल छिन आधा। हमारो धन....।

श्री राधा लगि योग समाधि न साधा। हमारो धन....।

करुण क्रन्दन पथ सीधा सादा। हमारो धन....।

Source page 156

प्रेम पथ भुक्ति मुक्ति दोउ बाधा। हमारो धन....।

श्रुतिन को सार तत्त्व हैं राधा। हमारो धन....।

छुपायो शुक सार भागवत राधा। हमारो धन....।

सच्चिदानंद कंद हैं राधा। हमारो धन....।

ह्लादिनी सार सार हैं राधा। हमारो धन....।

भाव मादन रूपा हैं राधा। हमारो धन....।

कृष्णहूँ चित कर्षण कर राधा। हमारो धन....।

श्री राधे जू को रूपध्यान उर साधा। हमारो धन....।

हमारे रोम रोम में राधा। हमारो धन....।

कृष्ण भाजत ऐहैं भजु राधा। हमारो धन....।

श्री राधेजू को भाये भोला भाला सीधा सादा। हमारो धन....।

श्री राधा भजु करु न नाम अपराधा। हमारो धन राधा..।

आत्मा परमात्मा की राधा। हमारो धन....।

ब्रह्म हैं पद नखमणि दुति राधा। हमारो धन....।

श्री राधा राधा राधा राधा हरि अवराधा। हमारो धन....।

मुरलि महँ गावत हरि गुन राधा। हमारो धन....।

श्री राधावर भजत नाम सुनि राधा। हमारो धन....।

श्री राधा बिनु ब्रह्म श्याम रस आधा। हमारो धन....।

श्री राधा जू हैं माधव माधव राधा। हमारो धन....।

Source page 157

कहत “रा” मुर्छित हरि कह ना “धा”। हमारो धन....।

श्री राधा तजि भजत श्याम अपराधा। हमारो धन....।

कृष्ण कहु पाछे प्रथम कहु राधा। हमारो धन....।

कृष्ण को रसिक बनायो राधा। हमारो धन....।

लखत रह सभय श्याम भौं राधा। हमारो धन....।

प्रिया हित निरतत धिर किट धा धा। हमारो धन....।

कृष्ण को नचवति अँगुरिन राधा। हमारो धन....।

न पायो पार हरिहुँ सोइ राधा। हमारो धन....।

कोटि कमला किंकरि अस राधा। हमारो धन....।

“कृपालु” धन नाम रूप गुण राधा। हमारो धन....।

ब्रज रस माधुरी · भाग १107
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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