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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 102 · 126/240

कीर्तन 101–150

कीर्तन 102 · Kirtan 102

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

66 source linesपुस्तक पृष्ठ 189–192PDF 210–213

प्यारो प्यारो प्यारो प्यारी प्यारी प्यारी राधे।

जापै वारो मेरो प्यारो ऐसी प्यारी राधे।

मेरो प्यारो प्यारो प्यारे ते भी प्यारी राधे।

छवि को भी छवि देने वारी प्यारी राधे।

सुख को भी सुख देने वारी प्यारी राधे।

प्रेम सार महाभाव रूप प्यारी राधे।

मादन रस पावें इक प्यारी राधे।

योगमाया रूपिणि हैं प्यारी राधे।

प्यारी रस भी हैं रसिका भी प्यारी राधे।

प्यारी जू की उपमा हैं बस प्यारी राधे।

ब्रजरस ते बन्यो है तनु प्यारी राधे।

मेरी प्यारी प्यारी राधे सुकुमारी राधे।

मेरी प्यारी प्यारी राधे नथवारी राधे।

निर्गुण को सगुण करें प्यारी राधे।

पिय ऋणियाँ हैं साहूकार प्यारी राधे।

प्यारे रसिक भये हैं कृपा प्यारी राधे।

प्यारो पाछे आयो आगे आईं प्यारी राधे।

Source page 190

पिय कारो कारो गोरी गोरी प्यारी राधे।

पिय निष्ठुर दयामयी प्यारी राधे।

पिय न्याय करें कृपा करें प्यारी राधे।

प्यारो नटखट प्यारी भोरी भारी राधे।

प्यारो टेढ़ो मेढ़ो सीधी सादी प्यारी राधे।

प्यारो बन्यो है पतंग, डोरी प्यारी राधे।

मेरो प्राण सम प्यारो, प्राण प्यारी राधे।

प्यारो लगे प्यारो किंतु अति प्यारी राधे।

प्यारी लखि पिय कह “बलिहारी” राधे।

मेरो प्यारो बोले “जय हो,जय हो” प्यारी राधे।

मेरो प्यारो वारो वारो लखि प्यारी राधे।

पिय को नचावें अँगुरिन प्यारी राधे।

पिय चित चोरें चोरी चोरी प्यारी राधे।

पिय काँपें लखि बंक भृकुटि राधे।

प्यारो धरे तन प्यारी हित प्यारी राधे।

ढूँढं़े कुंज कुंज पिय “कित प्यारी राधे”।

प्यारो धरें सिर पदरज प्यारी राधे।

प्यारो भूले सिट्टी पिट्टी लखि प्यारी राधे।

प्यारो माँगे पदरज दे दो प्यारी राधे।

Source page 191

प्यारो भी है प्यारो किंतु अति प्यारी राधे।

प्यारो प्रेम भिखारी प्रेम दानी राधे।

प्यारो अँसुवन धोवे पद प्यारी राधे।

प्यारो भाजे भाजे आवें बोलो, प्यारी राधे।

प्यारो पाछे चले जित चलें प्यारी राधे।

जब होड़ होय दोऊ जीतें प्यारी राधे।

पिय को न कहो बुरा बुरा मानें राधे।

पिय सम पिय प्यारी सम प्यारी राधे।

जानें पिय प्यारी गति पिय प्यारी राधे।

प्यारो अग्नि सम दाहिका सो प्यारी राधे।

प्यारो हैं कपूर गंध सम प्यारी राधे।

प्यारो दुग्ध सम श्वेतिमा सी प्यारी राधे।

प्यारी बने प्यारो प्यारो बने प्यारी राधे।

प्यारो पीरो पट पीरो तनु प्यारी राधे।

प्यारो नीलो तनु नीलो पट प्यारी राधे।

प्यारी ही हैं प्यारो प्यारो ही हैं प्यारी राधे।

तीनों एक प्यार प्यारो अरु प्यारी राधे।

प्यार में है प्यारो, प्यारो में हैं प्यारी राधे।

प्यारो मिलें जब कृपा करें प्यारी राधे।

Source page 192

प्यारी ऐसी प्यारी मोहे आपु प्यारी राधे।

“प्यारी कित गईं” कहि रोयें प्यारी राधे।

दोउ मिलन में रोयें पिय प्यारी राधे।

दोउ गतिहिं “कृपालु” जाने दोउ राधे।

मेरी प्यारी प्यारी प्यारी बरसाने वारी।

मेरी ब्रजरस बरसाने वारी प्यारी।

मेरी भोरी भोरी गोरी गोरी सुकुमारी।

मेरी प्यारी पाछे लख लख ब्रजनारी।

मेरी प्यारी जू की जय बोले बनवारी।

मेरी प्यारी लखि पिय बोले बलिहारी।

मेरी भानुदुलारी प्यारी नथवारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग १126
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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