कीर्तन 101–150
कीर्तन 108 · Kirtan 108
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी श्यामा मेरे श्याम, मेरी श्यामा मेरे श्याम।
मेरी श्यामा मेरे श्याम, मेरी श्यामा मेरे श्याम।
मेरी श्यामा मेरे श्याम, दोनों पूरनकाम।
मेरी श्यामा मेरे श्याम, विहरत ब्रजधाम।
मेरी श्यामा मेरे श्याम, भजो नित दोउ नाम।
मेरी श्यामा मेरे श्याम, सुमिरहु आठों याम।
मेरी श्यामा मेरे श्याम, मेरी सब ब्रजबाम।
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