कीर्तन 1–50
कीर्तन 49 · Kirtan 49
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरी बरसाने वारी प्यारी प्यारी प्यारी,
मेरी बरसाने वारी प्यारी प्यारी प्यारी,
सुकुमारी भोरी भारी भानुदुलारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी बरसाने वारी,
बलिहारी बलिहारी बलिहारी प्यारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
कृ पा करु कृ पा करु कृ पा करु प्यारी।
चाहे अपनाये चाहे ठुकराये प्यारी,
तू ही मेरी थी भी है भी रहेगी भी प्यारी।
जग में भी माँ को नहिं जाने शिशु प्यारी,
माँ ही जनावे वाय मैं हूँ महतारी।
Source page 112
सोरहों सिंगार करि बैठें जब प्यारी,
माथे काला टीका देयँ कुंज बिहारी।
प्यारी जू की प्यारी छवि एतिक प्यारी,
निज परछाईं लखि मोहें आपु प्यारी।
प्यारी बरसाने वारी एतिक प्यारी,
जाके पाछे पाछे डोलें ब्रह्म बनवारी।
मेरी ऐसी प्यारी प्यारी प्यारी सुकुमारी,
जापै वारी वारी जायें वारी बनवारी।
Source page 113
प्यारी भजें पिउ पिउ, पिउ भजें प्यारी,
बड़ भागी ब्रजनारी, भजें पिउ प्यारी।
प्यारी बोले जय हो जय हो जय हो जय हो प्यारी,
बनवारी बोलें जय हो जय हो जय हो प्यारी।
प्यारी कहें पिउ भजो, पिउ कहें प्यारी,
मेरी सब मानो भजो, नित पिय प्यारी।
वेद कह पूर्णब्रह्म कुंज बिहारी,
मैं तो कहूँ राधे बिनु आधे बनवारी।
मेरी प्यारी जू की जब चले असवारी,
पाछे चलि जय हो जय हो बोलें बनवारी।
आगे आगे चलें बरसाने वारी प्यारी,
वाके पाछे सखि वाके पाछे बनवारी।
Source page 114
प्यारी जू के महल की जाऊँ बलिहारी,
जापै सोऊ बनवारी वारी सोई प्यारी।
पिया को बुरा न कहो बुरा मानें प्यारी,
जेहि छवि लखि विधि हरि हर वारी,
राधे राधे राधे राधे प्रेम अगाधे,
ऐसी कृपा करु राधे प्रेम अगाधे।
तोहि कभूँ भूलूँ नहिं पल छिन आधे।
भुक्ति ना दे मुक्ति ना दे बैकुण्ठ ना दे,
Source page 115
