कीर्तन 201–216
कीर्तन 210 · Kirtan 210
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
तेरा नाम सुन के दाता दर पर फ़क़ीर आया,
उस नाम के मुताबिक कर दे करम ख़ुदाया।
सुनते हैं जो भी आया, भर-भर के झोली पाया,
पर यह फ़क़ीर मौला झोली न संग लाया।
गर ख़ाली हाथ लौटा तो कान खोल कर सुन,
हो जायेगा जहाँ से तेरे नाम का सफ़ाया।
सामान दे या ना दे मर्ज़ी तेरी है रहवर,
झोली तो दे दे दाता ठोकर बहुत है खाया।
