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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 210 · 234/240

कीर्तन 201–216

कीर्तन 210 · Kirtan 210

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

10 source linesपुस्तक पृष्ठ 303PDF 324

तेरा नाम सुन के दाता दर पर फ़क़ीर आया,

उस नाम के मुताबिक कर दे करम ख़ुदाया।

सुनते हैं जो भी आया, भर-भर के झोली पाया,

पर यह फ़क़ीर मौला झोली न संग लाया।

गर ख़ाली हाथ लौटा तो कान खोल कर सुन,

हो जायेगा जहाँ से तेरे नाम का सफ़ाया।

सामान दे या ना दे मर्ज़ी तेरी है रहवर,

झोली तो दे दे दाता ठोकर बहुत है खाया।

है देर तेरे घर में अन्धेर तो नहीं है,

आशिक “कृपालु” ने यह राज़ है बताया।

ब्रज रस माधुरी · भाग १234
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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