कीर्तन 1–50
कीर्तन 47 · Kirtan 47
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
जय जय पिय प्यारी, सुकुमारी, भोरी भारी नथवारी।
बलिहारी, छवि प्यारी, ऊँचे महल अटा वारी॥
जय जय पिय प्यारी, सुकुमारी, भोरी भारी नथवारी।
जय जय बलिहारी, छवि प्यारी, अगनित उमा रमा वारी।।
प्यारी अस प्यारी, सुकुमारी, वारी वारी बनवारी।
गिरिधारी, बनवारी, गति मति रति अति मतवारी।
नटवारी, छवि न्यारी, नवल नवल लीलाधारी॥
इक तो री, तनु गोरी, नीलो री तनु इक को री।
