कीर्तन 51–100
कीर्तन 73 · Kirtan 73
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
रटें राधे राधे गिरिधारी रे, ऐसी मेरी राधे,
ऐसी मेरी राधे, ऐसी मेरी राधे बरसाने वारी।
हा हा खायँ जायँ बलिहारी रे, ऐसी मेरी राधे,
ऐसी मेरी राधे, ऐसी मेरी राधे बरसाने वारी।
रटें प्यारे प्यारे राधा प्यारी रे, ऐसे मेरे प्यारे,
ऐसे मेरे प्यारे, ऐसे मेरे प्यारे लीला बिहारी।
