लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content

ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 73 · 97/240

कीर्तन 51–100

कीर्तन 73 · Kirtan 73

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

8 source linesपुस्तक पृष्ठ 143PDF 164

रटें राधे राधे गिरिधारी रे, ऐसी मेरी राधे,

ऐसी मेरी राधे, ऐसी मेरी राधे बरसाने वारी।

हा हा खायँ जायँ बलिहारी रे, ऐसी मेरी राधे,

ऐसी मेरी राधे, ऐसी मेरी राधे बरसाने वारी।

रटें प्यारे प्यारे राधा प्यारी रे, ऐसे मेरे प्यारे,

ऐसे मेरे प्यारे, ऐसे मेरे प्यारे लीला बिहारी।

रटें प्यारी प्यारे प्यारे प्यारी रे ऐसे प्यारे प्यारी,

ऐसे प्यारे प्यारी, ऐसे हैं “कृपालु” प्यारे प्यारी।

ब्रज रस माधुरी · भाग १097
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

Related official book listing · Official full collection · Official author website · Read as text