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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 9 · 33/240

कीर्तन 1–50

कीर्तन 9 · Kirtan 9

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

46 source linesपुस्तक पृष्ठ 36–39PDF 57–60

जय जय नँदनन्दा, ब्रजचन्दा, आनन्दकन्दा गोविन्दा।

(जय जय पिय प्यारी...)

जय जय नँदनन्दा, ब्रजचन्दा, आनन्दकन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, बालमुकुन्दा गोविन्दा।

Source page 37

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, यदुकुलचन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, यशुमतिनन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, नंदनन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, परमानन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, आनन्दहुँ दे आनन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, नेति नेति कह श्रुति छन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, अगुन सगुन उभयानन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, विभुचित् सत् चित्आनन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, अगम अगोचर श्रुति छन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, रसन मिलिन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मन मिलिन्द करु पद द्वन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, दृग चकोर करु मुख चन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मतिमन्दा भजु गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, सेव्य सुनन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, सँग सखि वृन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, वृन्दा प्रियतम गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, वन्दित वृन्दारक वृन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, वंदौ वृन्दावन चन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, लगन लगा पद अरविन्दा।

Source page 38

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, प्रेम दान दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, चातक रति दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, हमरिहुँ सुधि लो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, चरण शरण दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, करु निर्द्वन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, काटो मम माया फन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, देहु कमल पद मकरन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, निज ढिंग हेरहु गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, हरु छल छन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, बरबस वर लो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, छुटै न जग-गोरखधन्धा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मो मन हर लो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मोहूँ मोहो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, दीन बना दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, उर घर कर लो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, विरह भाव दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, रूपध्यान दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, चाल गयन्दा गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, झलक दिखा दो गोविन्दा।

Source page 39

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, युगल दास्य दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, महल टहल दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मम सिर धरु कर अरविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मेरा कह दो गोविन्दा।

जय जय गोविन्दा गोविन्दा, मम “कृपालु” इक गोविन्दा।

ब्रज रस माधुरी · भाग १033
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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