कीर्तन 1–50
कीर्तन 8 · Kirtan 8
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
आजा प्रानहुँ ते प्यारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा प्रानहुँ ते प्यारे, आजा वृन्दावन वारे।
सँग ला प्यारी कहँ प्यारे, आजा वृन्दावन वारे।
सँग ला सखियन कहँ प्यारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा मोर मुकुट वारे, आजा वृन्दावन वारे।
Source page 36
आजा श्रुति कुंडल वारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा नक बेसर वारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा कर मुरली वारे, आजा वृन्दावन वारे।
मुरली मधुर बजावन वारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा कर कंकन वारे, आजा वृन्दावन वारे।
गल गुंजन माला वारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा पीत वसन वारे, आजा वृन्दावन वारे।
आजा कटि किंकिनि वारे, आजा वृन्दावन वारे।
कोटिन काम लजावन वारे, आजा वृन्दावन वारे।
गति शत हंस लजावन वारे, आजा वृन्दावन वारे।
भई बेर ओ नंददुलारे, आजा वृन्दावन वारे।
पतितन को अपनावन वारे, आजा वृन्दावन वारे।
