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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 2 · 26/240

कीर्तन 1–50

कीर्तन 2 · Kirtan 2

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

25 source linesपुस्तक पृष्ठ 30–31PDF 51–52

जय जय जय सद्गुरु सरकार,

(रघुपति राघव...)

जय जय जय सद्गुरु सरकार,

सद्गुरु पर तन मन धन वार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

उऋण नाहिं तुम्हरे उपकार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम ही ब्रह्म सगुण साकार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम ही विधि हरि हर अवतार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम ही दीन जनन रखवार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम ही पतितन की पतवार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम ही निराधार आधार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

मानत नित तुम्हरो आभार।

Source page 31

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

चह नहिं कबहुँ पदारथ चार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

नेकु दिखावहु युगल विहार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम्हरे वश रह नन्दकुमार।

जय जय मम सद्गुरु सरकार,

तुम “कृपालु” हमरी सरकार।

ब्रज रस माधुरी · भाग १026
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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