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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 147 · 171/240

कीर्तन 101–150

कीर्तन 147 · Kirtan 147

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

7 source linesपुस्तक पृष्ठ 245PDF 266

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम।

(कृष्ण गोविन्द गोविन्द)

सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम।

मेरे राम मेरे राम मेरे राम मेरे राम।

मेरे थे मेरे हैं मेरे रहेंगे भी राम।

मेरे राजा स्वामी सखा सुत प्रियतम राम।

मेरे स्वामी भी हैं राम मेरे सखा भी हैं राम।

मेरे सुत भी हैं राम मेरे पिय भी हैं राम।

ब्रज रस माधुरी · भाग १171
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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