कीर्तन 51–100
कीर्तन 57 · Kirtan 57
Man karu sumiran, Radhey Rani ke charan · Roman pronunciation · site label
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मन करु सुमिरन, राधे रानी के चरन।
राधे रानी के चरन, नव पल्लव वरन।
राधे रानी के चरन, सत् चित् सुखघन।
राधे रानी के चरन, दस चन्द्र नखन।
राधे रानी के चरन, सम उनके चरन।
राधे रानी के चरन, चुवे ब्रजरस घन।
राधे रानी के चरन, सुबरन सों वरन।
राधे रानी के चरन, सुखदानी के चरन।
राधे रानी के चरन, रसखानी के चरन।
राधे रानी के चरन, वरदानी के चरन।
राधे रानी के चरन, नग दुति बिछुवन।
Source page 123
राधे रानी के चरन, गति गज लजवन।
राधे रानी के चरन, मुक्ति तारन तरन।
राधे रानी के चरन, अशरन को शरन।
राधे रानी के चरन, निर्धन को है धन।
राधे रानी के चरन, गुन गावो क्षन क्षन।
राधे रानी के चरन, ध्यावें पावें प्रेम धन।
राधे रानी के चरन, गुन करो कीर्तन।
राधे रानी के चरन, करु कोटिन नमन।
राधे रानी के चरन, चहु गहु गोपी जन।
राधे रानी के चरन, पावें कृपा गोपीजन।
राधे रानी के चरन, ब्रज बनितनि धन।
राधे रानी के चरन, नहिँ सुलभ ऋचन।
राधे रानी के चरन, नहिं पावें ज्ञानी जन।
राधे रानी के चरन, सोई मेरो प्राणधन।
Source page 124
राधे रानी के चरन, बसे मेरे नयनन।
राधे रानी के चरन, ढाँपि राखौं पलकन।
राधे रानी के चरन, मेरो अवलम्बन।
राधे रानी के चरन, सेयें जायें तोरी बन।
राधे रानी के चरन, वारौं द्वारिका सुखन।
राधे रानी के चरन, वारौं मथुरा सुखन।
राधे रानी के चरन, लिपटाऊँ रज बन।
राधे रानी के चरन, कब होइहौं रज कन।
राधे रानी के चरन, प्रकटत विष्णुगन।
राधे रानी के चरन, चापैं कमला करन।
राधे रानी के चरन, सेवें चतुरानन।
राधे रानी के चरन, सेवें पंचानन।
राधे रानी के चरन, सेवें षट आनन।
राधे रानी के चरन, सेवेें सप्तर्षि जन।
राधे रानी के चरन, सेवें अष्टवसु जन।
राधे रानी के चरन, सेवें नव ग्रह जन।
राधे रानी के चरन, सेवें दिग्पाल जन।
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राधे रानी के चरन, ध्यावें मदनमोहन।
राधे रानी के चरन, पोछें पिय पलकन।
राधे रानी के चरन, हरि मुकुट धरन।
राधे रानी के चरन, हरि मुख दर्पन।
राधे रानी के चरन, हरि करें चुम्बन।
राधे रानी के चरन, हरि धोवें अँसुवन।
राधे रानी के चरन, वारौं यशुदा ललन।
