कीर्तन 101–150
कीर्तन 112 · Kirtan 112
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
राधे राधे गोविंद, गोविंद राधे राधे।
राधे राधे गोविंद, गोविंद राधे राधे।
नँदनन्दन गोविंद श्री राधे राधे।
सोइ रूप नँदनंद श्री राधे राधे।
सोइ जानिय गोविंद श्री राधे राधे।
रस अम्बुधि गोविंद श्री राधे राधे।
नन्दगाम गोविंद श्री राधे राधे।
Source page 205
गोपन सँग गोविंद श्री राधे राधे।
संग संग गोविंद श्री राधे राधे।
गोधन धन गोविंद श्री राधे राधे।
भजत सुनन गोविंद श्री राधे राधे।
निर्मल मन गोविंद श्री राधे राधे।
नहिं पायो गोविंद श्री राधे राधे।
