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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 86 · 110/240

कीर्तन 51–100

कीर्तन 86 · Kirtan 86

Chalu man Shri Vrindavan dham · Roman pronunciation · site label

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

19 source linesपुस्तक पृष्ठ 160–161PDF 181–182

चलु मन श्री वृन्दावन धाम,

(भजु मन मेरे आठो...)

चलु मन श्री वृन्दावन धाम,

जहँ विहरत नित श्यामा श्याम।

श्यामा श्याम संग ब्र्रजबाम,

नित नवरस बरसत ब्रजधाम।

मेरे ठाकुर श्यामा श्याम,

मोहिँ न चहिय बैकुंठहुँ धाम।

मेरे ह्वै गये लाड़लि लाल,

सब विधि हम भये मालामाल।

चलु मन गहवर कुंजलतान,

लली चरन चापत भगवान।

चलु मन श्री बरसानो गाम,

जहँ चाकर बनि रह घनश्याम।

Source page 161

अलख निरंजन रूप न नाम,

सोइ अंचल पट लिपट्यो बाम।

चलु चंचल मन गोकुल ग्राम,

लखु दृग अंचल चंचल श्याम।

भज “कृपालु” मन श्यामा श्याम,

ब्र्रजवनितनि जनु बनि निष्काम।

ब्रज रस माधुरी · भाग १110
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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