कीर्तन 1–50
कीर्तन 5 · Kirtan 5
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
आजा नँदनंदन आ जा नँदनंदन,
यह ब्रज तो है तोरा आजा नँदनंदन।
तेरे बिन सूना ब्रज आजा नँदनंदन।
Source page 33
ऐसा आजा आ के पुनि ना जा नंँदनंदन।
मैं जो जा जा कहूँ तो भी ना जा नँदनंदन।
आवे ना बुलानो मोहिं आजा नँदनंदन।
पाछा नहिं छोड़ूँ तोरा आजा नँदनंदन।
“दारीके” की ब्रजगारी खा जा नँदनंदन।
तू जो कहे सोई करुँ आजा नँदनंदन।
भलो बुरो जो हूँ तेरो आजा नँदनंदन।
काऊ सों बताऊँ नहिं आजा नँदनंदन।
चोरी चोरी उर में समा जा नँदनंदन।
