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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 90 · 114/240

कीर्तन 51–100

कीर्तन 90 · Kirtan 90

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

11 source linesपुस्तक पृष्ठ 168–169PDF 189–190

जय जय प्यारी प्यारी प्यारी जय जय प्यारे नंदकिशोर।

(भक्ति -शतक)

जय जय प्यारी प्यारी प्यारी जय जय प्यारे नंदकिशोर।

जोइ प्यारी मुख चंद्र चकोर, सोइ राधावर प्रियतम मोर।

जोइ प्रियतम मुख चंद्र चकोर, सोइ श्यामा जू स्वामिनि मोर।

दोउ चंद्रमुख दोउ चकोर, मेरो जीवन जुगल किशोर।

इक कारो तनु इक तनु गौर, दोउन चित दोउन चित चोर।

दोऊ परमहंस चित चोर, लेत न काहे मम चित चोर।

जाकर चाकर नंदकिशोर, सोइ बरसाने वारी मोर।

जाके चरण चापें चितचोर, सोइ प्यारी नथवारी मोर।

Source page 169

निरतत मोरकुटी बनि मोर, जेहि सुख लगि सोइ मानिनि मोर।

करु विलम्ब न लाड़िलि मोर, सुधि “कृपालु” लो हौं हूँ तोर।

ब्रज रस माधुरी · भाग १114
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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