कीर्तन 1–50
कीर्तन 15 · Kirtan 15
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
प्यारी जू के प्यारे हैं, प्यारे प्यारे प्यारे हैं,
वो ही मेरो श्याम, वो ही मेरो श्याम,
वो ही मेरो प्राण, वो ही मेरो प्राण।
मोर मुकुट वारे हैं, कटि काछनि धारे हैं। वो ही .....
मुख मुरली धारे हैं, चितवनि बरछी मारे हैं। वो ही .....
वंशी वारे कारे हैं, तो भी प्रानन प्यारे हैं। वो ही .....
बाल घूँघरवारे हैं, कारे अनियारे हैं। वो ही .....
नैन रतनारे हैं, सैन मतवारे हैं। वो ही .....
पीरी पगरी वारे हैं, पीरे पट धारे हैं। वो ही .....
कनक लकुटिया धारे हैं, कारी कामरि वारे हैं। वो ही .....
किंकिनि गुन्गुन्जारे हैं, नूपुर झन्झनकारे हैं। वो ही .....
हंस चाल वारे हैं, गुंजमाल धारे हैं। वो ही .....
यशुदा दुलारे हैं, राधा के घरवारे हैं। वो ही .....
कारे हैं पर प्यारे हैं, शम्भु समाधि बिसारे हैं। वो ही .....
चौंसठ गुन गन वारे हैं, निर्गुन श्रुतिन पुकारे हैं। वो ही .....
