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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 60 · 84/240

कीर्तन 51–100

कीर्तन 60 · Kirtan 60

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

14 source linesपुस्तक पृष्ठ 128PDF 149

मेरी राधे जू, मेरी राधे जू।

मेरी राधे मेरी राधे मेरी राधे मेरी, मेरी राधे जू.....।

राधे बिनु पूर्णब्रह्म श्याम आधे जू, मेरी राधे जू.....।

राधे राधे गावें वंशी स्वर साधे जू, मेरी राधे जू.....।

राधे बिनु कल नहिं पल आधे जू, मेरी राधे जू.....।

मेरे लाल जू मेरी लाली जू।

दोउ रुचि राखें लाली बनमाली जू, मेरे लाल जू.....।

मेरी प्यारी जू, मेरी प्यारी जू।

मेरी प्यारी मेरी प्यारी मेरी प्यारी मेरी, मेरी प्यारी जू.....।

प्यारी जू की हा हा खावें बनवारी जू। मेरी प्यारी जू ।

मेरी श्यामा जू, मेरी श्यामा जू।

मेरी श्यामा मेेरी श्यामा मेरी श्यामा मेरी, मेरी श्यामा जू.....।

श्यामा सँग अगनित ब्रजभामा जू, मेरी श्यामा जू.....।

हौं हुँ “कृपालु” पावूँ, सेवा श्यामा जू, मेरी श्यामा जू.....।

ब्रज रस माधुरी · भाग १084
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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