Skip to main content

आरती भानुदुलारी (बाल रूप)
आरती भानुदुलारी
(बाल रूप)
आरति कीर्ति कुँवरि की कीजै,
जय जय भानुनंदिनि की जै।
कौन सुकृति अस कीरति तेरी,
सुता योगमाया भइ तेरी।
तेरी सुता स्वामिनी मेरी,
अगनित उमा रमा हैं चेरी।
मोहूँ निज सहचरि करि लीजै,
जय जय भानुनंदिनि की जै।।
जग जननी है लाली तेरी,
जग पालन कर लाली तेरी।
लाल स्वामिनी लाली तेरी,
सोइ लाली गति मति रति मेरी।
मोहिं “कृपालु” टुक ब्रजरस दीजै,
जय जय भानुनंदिनि की जै।।
❦
Source, meanings & reading links