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ब्रज रस माधुरी

PART I · Prayers and aartis · 11/240

प्रार्थना एवं आरती

आरती · Aarti

22 source linesपुस्तक पृष्ठ 6–7PDF 27–28

युगल सरकार की आरती

आरती प्रीतम, प्यारी की, कि बनवारी, नथवारी की।

दुहुँन सिर कनक-मुकुट झलकै,

दुहुँन श्रुति कुण्डल भल हलकै,

दुहुँन दृग प्रेम - सुधा छलकै,

चसीले बैन, रसीले नैन, गँसीले सैन,

दुहुँन मैनन मनहारी की ॥ 1॥

दुहुँनि दृग चितवनि पर वारी,

दुहुँनि लट-लटकनि-छवि न्यारी,

दुहुँनि भौं-मटकनि अति प्यारी,

रसन मुख पान, हँसन मुसकान, दसन दमकान,

दुहुँनि बेसर छवि न्यारी की ॥ 2।।

एक उर पीताम्बर फहरै,

एक उर नीलाम्बर लहरै,

दुहुँन उर लर-मोतिन छहरै,

कंकनन खनक, किंकिनिन झनक,नूपुरन भनक,

दुहुँन रुनझुन धुनि प्यारी की ॥ 3॥

Source page 7

एक सिर मोर-मुकुट राजै,

एक सिर चूनरि-छवि छाजै,

दुहुँन सिर तिरछे भल भ्राजै,

संग ब्रज-बाल,लाड़िली-लाल,बाँह गल डाल,

“कृपालु” दुहुँन दृग चारी की ॥ 4॥

ब्रज रस माधुरी · भाग १011
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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