कीर्तन 101–150
कीर्तन 125 · Kirtan 125
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरो प्यारो नँदनंदन बनवारी,
मेरी प्यारी श्री वृषभानुदुलारी।
वारी वारी जाऊँ वारी छवि बनवारी,
वारी वारी जाऊँ वारी छवि नथवारी।
जब देखूँ नीकी लागे प्यारो छवि प्यारी,
जब देखूँ नीकी लागे प्यारी छवि प्यारी।
Source page 228
जेती बार देखौं छवि पिय प्यारी,
सुंदरता में तो हैं सम पिय प्यारी,
पै पिय सोचें मन मेरो तनु कारी।
