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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 125 · 149/240

कीर्तन 101–150

कीर्तन 125 · Kirtan 125

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 227–228PDF 248–249

मेरो प्यारो नँदनंदन बनवारी,

(परिक्रमा)

मेरो प्यारो नँदनंदन बनवारी,

मेरी प्यारी श्री वृषभानुदुलारी।

वारी वारी जाऊँ वारी छवि बनवारी,

वारी वारी जाऊँ वारी छवि नथवारी।

जब देखूँ नीकी लागे प्यारो छवि प्यारी,

जब देखूँ नीकी लागे प्यारी छवि प्यारी।

प्यारी ते भी प्यारी लागे पिय छवि प्यारी,

पिय ते भी प्यारी लागे प्यारी छवि प्यारी।

Source page 228

जेती बार देखौं छवि पिय प्यारी,

नित नई नई लागे अचरज भारी।

सुंदरता में तो हैं सम पिय प्यारी,

पै पिय सोचें मन मेरो तनु कारी।

कभू तो “कृपालु” ढिग ऐहैं पिय प्यारी,

गलबाहीं दीने गति अति मतवारी॥

ब्रज रस माधुरी · भाग १149
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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