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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 134 · 158/240

कीर्तन 101–150

कीर्तन 134 · Kirtan 134

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

15 source linesपुस्तक पृष्ठ 236–237PDF 257–258

नाचो गाओ सब साधक समुदाय,

(तू ही तू ही...)

नाचो गाओ सब साधक समुदाय,

आज गुरुदेव जन्मदिन पुनि आय।

हम सब की उमर इन्हें लगि जाय,

युग युग जियें ऐसे साधना कराय।

पुण्य पुंज से ही सब नर तनु पाय,

पुनि पुण्य पुंज से ही सद्गुरु पाय।

Source page 237

पुण्य पुंज ही तो उर श्रद्धा उपजाय,

सच्ची श्रद्धा ही तो सच्ची साधना कराय।

मन ते तो हरि गुरु स्मरण कराय,

तन धन ते जो बने सेवा भी कराय।

भुक्ति मुक्ति डाकिनी को मुँह न लगाय,

माँगो दिव्य प्रेम नित्य सेवा बलभाय।

अश्रु निष्काम मन शुद्ध कराय,

तब दे “कृपालु” गुरु प्रेम बलभाय।।

ब्रज रस माधुरी · भाग १158
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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