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ब्रज रस माधुरी

PART I · KIRTAN 163 · 187/240

कीर्तन 151–200

कीर्तन 163 · Kirtan 163

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

10 source linesपुस्तक पृष्ठ 259–260PDF 280–281

जय राघवेन्द्र सरकार की, जय सीता सुकुमार की।

जय सिया राम सरकार की, जय लक्ष्मण राजदुलार की।

जय राघवेन्द्र दरबार की, जय जय जय पवन कुमार की।

Source page 260

जय राम लक्ष्मण जानकी, जय सुधा रूप रस खान की।

जय जय जय राजा राम की, जय प्रेम रूप रस खान की।

जय जय जय राजा राम की, जय शंृग्वेरपुर धाम की।

जय जय जय सीता राम की, जय शृंग्वेरपुर धाम की।

जय जय जय सीता राम की, जय केवट रति अभिराम की।

जय सिया राम सरकार की, जय गंगा की जलधार की।

जय सिया राम सरकार की, बलिहारी केवट प्यार की।

ब्रज रस माधुरी · भाग १187
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 1. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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