कीर्तन 51–100
कीर्तन 78 · Kirtan 78
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
श्री राधे राधे राधे राधे राधे राधे।
Source page 148
श्री राधे मम प्रानन प्यारी राधे।
श्री राधे मृदु मुसुकनि वारी राधे।
श्री राधे सिर चूनरि वारी राधे।
श्री राधे कटि किंकिनि वारी राधे।
श्री राधे गजगामिनि भामिनि राधे।
श्री राधे, प्रियतम चित्तचोरी राधे।
श्री राधे, पिय रति रसबोरी राधे।
श्री राधे जिन बिनु हरि आधे राधे।
श्री राधे रस रसिक रँगीली राधे।
श्री राधे गुन गुन गन निधि राधे।
Source page 149
श्री राधे रस प्रेम अगाधे राधे।
श्री राधे तोपै जाऊँ वारी वारी राधे।
श्री राधे रस बिन्दु पिला दे राधे।
श्री राधे, लखु हमरिहुँ ओरी राधे।
श्री राधे, जैसी भी हूँ हूँ तो तोरी राधे।
श्री राधे, मैं तो शरण हूँ तोरी राधे।
