Skip to main content

जय जय राधे प्रेम अगाधे,
(ठाकुर युगल किशोर...)
जय जय राधे प्रेम अगाधे,
जय जय ब्रह्म श्याम आराधे।
जय जय अस मम स्वामिनि राधे,
जय जय जिन बिनु हरिहूँ आधे।
जय जय अस मोरी श्री राधे,
जय जय जिन चढ़ाव हरि काँधे।
Source page 105
जय जय अस वृषभानु किशोरी,
जय जय चितचोरहुँ चित चोरी।
जय जय अस वृषभानुदुलारी,
जय जय पग चापत बनवारी।
जय जय अस सरकार हमारी,
जय जय हा हा खात बिहारी।
जय जय अस प्यारी सुकुमारी,
जय जय लखि हरि कह बलिहारी।
जय जय चरण कमल अस प्यारी,
जय जय धर हरि मुकुट उतारी।
जय जय अस चितवनि मम प्यारी,
जय जय निरखि गिरत गिरिधारी।
जय जय अस बरसाने वारी,
जय जय दें हरि मुकुट बुहारी।
जय जय अस महिमा नथवारी,
जय जय हरि भये नर ते नारी।
जय जय चह रति रतिरस बोरी,
जय जय लो “कृपालु” सुधि मोरी।
Source page 106
(ठाकुर युगल किशोर...)
जय जय ऐसी मम ठकुरानी,
जय जय हरिहूँ कर अगवानी।
जय जय अस मोरी ठकुरानी,
जय जय ब्रह्म कीन रसखानी।
जय जय अस “कृपालु” महरानी,
जय जय महिमा हरिहुँ न जानी।
❦
Source, meanings & reading links