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ब्रज रस माधुरी

PART II · KIRTAN 130 · 138/142

कीर्तन 101–134

कीर्तन 130 · Kirtan 130

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

44 source linesपुस्तक पृष्ठ 323–325PDF 340–342

लरे भोरी भारी कुँवरि माय बिरुझाय।

(नथवारी रंगीली...)

लरे भोरी भारी कुँवरि माय बिरुझाय।

पुनि पुनि झगरति झकझोरति माय।

ऊँ ऊँ करि पग पटकति ढिंग माय।

झटकति मटकति लटकति गर माय।

कह कीरति माय का चहिय बताय।

Source page 324

कह कुँवरि प्रथम हाँ करि तुतुराय।

अच्छा कहु हाँ हाँ हाँ हाँ कह माय।

ऐड़ी लौं वेणी तेरी माय।

ऐसेहिं मोरिहुँ वेणी करु माय।

तू तो लाली अभी पाँच बरस की आय।

जैसे जैसे होगी लाली तू बड़ी कह माय।

वैसे वैसे वेणी आपुहिं बाढ़ति जाय।

लाली कह मोहिँ अबहिं बड़ी करु माय।

यह सुनि परि असमंजस महँ माय।

ना ना लाली ऐसा जनि कहु कह माय।

यदि लाली तू अबहिं मो सी बड़ी ह्वै जाय।

तेरी वेणी भी अवशि मो सी बड़ी ह्वै जाय।

तब गोदी में खिलाय काको तू हीं बताय।

पुनि वेणी खींचि श्रीदामा भी तोहिं रुलाय।

पुनि सखियन भी तोहिं सँग न खेलाय।

पुनि बाबा भी न गोद ले के तोहिँ खेलाय।

यह सुनि भोरी लाली गइ हिय डरपाय।

कह लाली अब कभू नहिं बड़ी बनूँ माय।

मैं तो सदा खेला करुँ तेरी गोद महँ माय।

Source page 325

बार बार बाबा चूमें मुख उर ते लगाय।

कहूँ ललितादि सखियन सो हूँ हौँ माय।

सब सखि कहु निज निज माय ढिंग जाय।

मोय बड़ी जनि करियो कबहूँ माय।

बड़ी हो के नहिं मिले गोद बाबा अरु माय।

बड़ी हो के गुड्डी गुडरा का खेल छुटि जाय।

बड़ी होने पै तो करि देंगे ब्याहु बाबा माय।

ब्याहु करि घर राखे नहिं देय वा भगाय।

सब ने ही कही आजु हम कहें निज माय।

सखी कह चलो लाली खेल खेलें मनभाय।

ललिता कह लावूँ नँदलाल को बुलाय।

लाली कह नहिं नहिं नहिं वाय न बुलाय।

वो तो हारे तो न दाँव देय भाजे बलभाय।

इतने में आये आपुहिं तहँ बलभाय।

लाला कह लाली मोहूँ निज सँग खिलाय।

लाली कह यदि खेल में तू हारे बलभाय।

दाँव देना परे कान खोलि सुनु बलभाय।

दूँगो दूँगो दूँगो दूँगो दाँव कह बलभाय।

लखे जो “कृपालु” लाली लाल खेल बलि जाय॥

ब्रज रस माधुरी · भाग २138
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 2. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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