कीर्तन 1–50
कीर्तन 19 · Kirtan 19
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
तुम दीनन को रखवार, हम दीनन को सरदार।
तुम दीनन को रखवार, हम दीनन को सरदार।
पुनि काहे करत अबार, सुन लो मम नंदकुमार॥
तुम पतितन सों कर प्यार, हौं पतितन को सरदार।
पुनि काहे मोहिं बिसार, सुन लो मम नंदकुमार॥
तुम जग के पालन हार, हौं हूँ रह तव संसार।
टुक हमरिहुँ ओर निहार, सुन लो मम नंदकुमार॥
तव माया अपरंपार, हारे हरि हर सरकार।
हौं तो लघु अंश तिहार, सुन लो मम नंदकुमार॥
तुम मम पितु वेद पुकार, सुत बूड़त सिंधु अपार।
सुत को बचाउ सरकार, सुन लो मम नंदकुमार॥
तुम माया गुन गोपार, लीला तव अपरंपार।
हम शिशु नवजात तिहार, सुन लो मम नंदकुमार॥
पुनि पुनि लिय तुम अवतार, किय लीला नर अनुहार।
मोहे ब्रह्मादि निहार, सुन लो मम नंदकुमार॥
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तव माया शक्ति अपार, वाने किय बंटाढार।
याते हौं तोहिँ बिसार, सुन लो मम नंदकुमार॥
