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ब्रज रस माधुरी

PART II · KIRTAN 19 · 27/142

कीर्तन 1–50

कीर्तन 19 · Kirtan 19

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

21 source linesपुस्तक पृष्ठ 55–56PDF 72–73

तुम दीनन को रखवार, हम दीनन को सरदार।

(हैं बाँको सुन्दर...)

तुम दीनन को रखवार, हम दीनन को सरदार।

पुनि काहे करत अबार, सुन लो मम नंदकुमार॥

तुम पतितन सों कर प्यार, हौं पतितन को सरदार।

पुनि काहे मोहिं बिसार, सुन लो मम नंदकुमार॥

तुम जग के पालन हार, हौं हूँ रह तव संसार।

टुक हमरिहुँ ओर निहार, सुन लो मम नंदकुमार॥

तव माया अपरंपार, हारे हरि हर सरकार।

हौं तो लघु अंश तिहार, सुन लो मम नंदकुमार॥

तुम मम पितु वेद पुकार, सुत बूड़त सिंधु अपार।

सुत को बचाउ सरकार, सुन लो मम नंदकुमार॥

तुम माया गुन गोपार, लीला तव अपरंपार।

हम शिशु नवजात तिहार, सुन लो मम नंदकुमार॥

पुनि पुनि लिय तुम अवतार, किय लीला नर अनुहार।

मोहे ब्रह्मादि निहार, सुन लो मम नंदकुमार॥

जब कृपा करहु सरकार, तब कोउ तोहिँ जान निहार।

तब माने तब हो प्यार, सुन लो मम नंदकुमार॥

Source page 56

तव माया शक्ति अपार, वाने किय बंटाढार।

याते हौं तोहिँ बिसार, सुन लो मम नंदकुमार॥

श्रुति बारंबार पुकार, तेरो इक नंदकुमार।

मानत नहिं मन हठ धार, सुन लो “कृपालु” सरकार॥

ब्रज रस माधुरी · भाग २027
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 2. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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