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ब्रज रस माधुरी

PART II · KIRTAN 47 · 55/142

कीर्तन 1–50

कीर्तन 47 · Kirtan 47

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

69 source linesपुस्तक पृष्ठ 122–125PDF 139–142

तेरी कृपा का भरोसा भारी राधारानी।

(नथवारी रंगीली...)

तेरी कृपा का भरोसा भारी राधारानी।

तू तो कृपा की है मूरति राधारानी।

तू तो कृपा ही कृपा करे राधारानी।

तेरी कृपा का न ओर छोर राधारानी।

तेरी अगनित शक्ति हैं राधारानी।

सर्वश्रेष्ठ कृपा शक्ति तेरी राधारानी।

कृपा ते ही जग रचा तूने राधारानी।

कृपा ते ही जग पाले भी तू राधारानी।

कृपा ते ही तू प्रलय करे राधारानी।

कृपा ते ही प्रकटाये वेद राधारानी।

कृपा ते ही दिया नर तनु राधारानी।

कृपा ते ही दिया माँ का दूध राधारानी।

कृपा ते ही दिया अन्न आदि राधारानी।

कृपा ते ही बसी उर पुर राधारानी।

कृपा ते ही देंय कर्म फल राधारानी।

कृपा ते ही लिखे जीव कर्म राधारानी।

Source page 123

कृपा ते ही देंय पाप दंड राधारानी।

कृपा ते ही जियें जीव सब राधारानी।

कृपा ते ही पावें जीव रस राधारानी।

कृपा ते ही लेंय अवतार राधारानी।

कृपा ते ही भेजें निज जन राधारानी।

कृपा ते ही बने ब्रह्म कृष्ण राधारानी।

तेरी कृपा पावे ब्रह्म तनु राधारानी।

तेरी कृपा पावे ब्रह्म नाम राधारानी।

तेरी कृपा पावे ब्रह्म गुण राधारानी।

तेरी कृपा करे ब्रह्म लीला राधारानी।

तेरी कृपा बने ब्रह्म धाम राधारानी।

कृपा ते ही पायो रास कृष्ण राधारानी।

तू तो अद्भुत कृपा करे राधारानी।

तू तो पतितहुँ कृपा करे राधारानी।

हरि जाको मारे वाको तारे राधारानी।

हरि कृपा करे पाके कृपा राधारानी।

कृपा ही तो तोरा दाना पानी राधारानी।

रहि सक न कृपा बिना तू राधारानी।

तेरी कृपा के भिखारी सारँगपानी।

Source page 124

तेरी कृपा कृपा कृपा भई राधारानी।

तेरी कृपा की न समता राधारानी।

तेरी कृपा ते ही विधि विधि राधारानी।

तेरी कृपा ते ही हरि हरि राधारानी।

तेरी कृपा ते ही शिव शिव राधारानी।

तेरी कृपा पाये ज्ञानी गति राधारानी।

तेरी कृपा पाये योगी गति राधारानी।

तेरी कृपा पाये भक्त गति राधारानी।

तेरी कृपा जीव जीवित राधारानी।

तेरी कृपा ते ही वायु चले राधारानी।

तेरी कृपा ते ही आग जले राधारानी।

तू तो कृपा करे मनमानी राधारानी।

तू तो कृपा ते अघाय नहीं राधारानी।

तेरी कृपा चह ब्रह्माणी राधारानी।

तेरी कृपा चह रुद्राणी राधारानी।

तेरी कृपा चह कमलाहुँ राधारानी।

तेरी कृपा चह सनकादि राधारानी।

तेरी कृपा चह जनकादि राधारानी।

तेरी कृपा चह परिकर राधारानी।

Source page 125

तेरी कृपा चह गोपीजन राधारानी।

तेरी कृपा चह ब्रजवासी राधारानी।

तेरी कृपा चह नित्य सिद्ध राधारानी।

तेरी कृपा चह मुक्त जन राधारानी।

तेरी कृपा चह ज्ञानी ध्यानी राधारानी।

तेरी कृपा चह चराचर राधारानी।

तेरी कृपा चह ऋषि मुनि राधारानी।

तेरी कृपा चह योगी जन राधारानी।

तेरी कृपा चह जपी तपी राधारानी।

तेरी कृपा चह सिद्ध जन राधारानी।

तेरी कृपा ते ही माया भागे राधारानी।

तेरी कृपा चह साधक राधारानी।

सारा जग है भिखारी दाता राधारानी।

तेरी कृपा चह हौं “कृपालु” राधारानी॥

ब्रज रस माधुरी · भाग २055
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 2. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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