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मेरो धन राधा जू को नाम।
(नीको लागे...)
मेरो धन राधा जू को नाम।
मेरो धन राधा को गुण ग्राम।
मेरो धन राधा छवि अभिराम।
मेरो धन राधा लीला ललाम।
मेरो धन राधा को दिव्य धाम।
मेरो धन राधा जन रज पाम।
जग भज ब्रह्म श्याम सुख धाम।
राधा राधा भज नित श्याम।
रोम रोम कह राधा नाम।
विधि हरि हर जप राधा नाम।
उमा रमा जप राधा नाम।
सबै स्वांश जप राधा नाम।
विभिन्नांश जप राधा नाम।
राधा नाम जपत नित श्याम।
राधा गुन गावत नित श्याम।
राधा लीला सुन नित श्याम।
Source page 170
राधा धाम जात नित श्याम।
राधा जन को जन नित श्याम।
राधा को स्वामिनि कह श्याम।
राधा को आत्मा कह श्याम।
राधा नाम सुनत भज श्याम।
राधा जीवन मानत श्याम।
राधा मान मनावत श्याम।
राधा लाड़ लड़ावत श्याम।
राधा बिनु आधा रस श्याम।
राधा कृपा चहत नित श्याम।
राधा अगवानी कर श्याम।
राधा की जय बोलत श्याम।
राधा डगर बुहारत श्याम।
राधा पग जहँ तहँ सिर श्याम।
राधा महल टहल चह श्याम।
राधा को रिझवत नित श्याम।
राधा पग चापत नित श्याम।
राधा पद रज सिर धर श्याम।
राधा भृकुटि तकत नित श्याम।
Source page 171
राधामय देखत जग श्याम।
राधा लखि मुर्छित हों श्याम।
राधा की कर आरति श्याम।
राधा “रा” सुनि भाजत श्याम।
राधा शक्ति ह्लादिनी श्याम।
राधा शक्तिहिँ जग रच श्याम।
राधा शक्तिहिँ पालत श्याम।
राधा को ऋणियाँ कह श्याम।
राधा तजि जो पूजत श्याम।
सो “कृपालु” अपराधी श्याम।
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