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ब्रज रस माधुरी

PART II · KIRTAN 62 · 70/142

कीर्तन 51–100

कीर्तन 62 · Kirtan 62

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

103 source linesपुस्तक पृष्ठ 154–159PDF 171–176

मेरी राधे मेरी राधे मेरी प्यारी राधे,

(तू ही तू ही..)

मेरी राधे मेरी राधे मेरी प्यारी राधे,

तोहिं तजि जाउँ कित तू ही बता दे।

तेरी माया ने भुलाया मोहि प्यारी राधे,

तूने क्यों भुलाया मोहिँ नेकु बता दे।

पूत तो कुपूत होँय जग में भी राधे,

माता क्या कुमाता भईं कोई बता दे।

मायावश भूलूँ भी जो मैं तोहिं राधे,

तू तो जनि भूलेहु मोहिं भुला दे।

मैं हूँ मायाधीन तू है मायाधीश राधे,

माया को भगा दे मायातीत बना दे।

तेरी टेढ़ी भौंह लखि काँपे ब्रह्म राधे,

मेरी माया को भी सोई भौंह दिखा दे।

जाको तू जना दे सोई जाने तोहिं राधे,

बिनु तेरी कृपा कोई जाना हो बता दे।

बिनु तोहिं जाने कैसे माने तोहिं राधे,

बिनु माने होय कैसे प्यार बता दे।

Source page 155

जग शिशु मुख माँ चुवा दे पय राधे,

तू भी ब्रजरस इक बूँद पिला दे।

तू तो है पतित पावनि प्यारी राधे,

मोसो है पतित कौन तू ही बता दे।

जानि के पतित पावनि तोहिं राधे,

किये मनमाने पाप मोहिं दोष का दे।

तू तो बिनु हेतु सनेहिनि राधे,

साधन बिनु ही साध्य दिला दे।

कृपा करु कृपा करु कृपामयी राधे,

और कछु ना दे राधे प्रेम सुधा दे।

गोपी प्रेम देहि गोपी प्रेम देहि राधे,

भुक्ति मुक्ति बैकुण्ठ सुख आदि ना दे।

तेरा सुख मेरा सुख बनि जाय राधे,

निज सुख काम मेरे मन ते मिटा दे।

गुरु ने जनाया जाना माना नहिं राधे,

भोरी भारी प्यारी प्यारी छवि दिखला दे।

ध्यावे नित युगल विहार मन राधे,

छनहुँ न भूले मन ऐसा बना दे।

इत तो तू कह आजा शरण में राधे,

Source page 156

उत मेरे पाछे निज माया को लगा दे।

अब लौं रहा मन छत्तिस राधे,

अब याय तिरसठ अंक बना दे।

सदा ते ही माना मैंने मेरी भी तू राधे,

अब “ही” लगा दे राधे, “भी” को हटा दे।

माया वश भी हो करे पाप भी न राधे,

ऐसा कोई हुआ हो तो नाम बता दे।

माया ते तो हारे विधि हरि हर राधे,

मेरी है बिसात कहा तू ही बता दे।

माँगा भीख लख चौरासी द्वार राधे,

सब थे भिखारी पुनि मोहिं भीख का दे।

तू ही मेरी थी है तू ही रहेगी भी राधे,

चाहे मोहिं अपनाये चाहे ठुकरा दे।

प्यारी बरसाने वारी भोरी भारी राधे,

निज दासी दासी दासी दासी बना दे।

सारा जग जाने मोहिं तेरी दासी राधे,

जग को मिटा दे भ्रम दासी बना दे।

मैं भी तेरा मेरा सब कुछ तेरा राधे,

जब सब कुछ तेरा तब तोहिं का दे।

Source page 157

तू तो देना देना जाने दयामयी राधे,

ले के जो दे जग व्यापार बता दे।

तू चाहे आवे चाहे नहिं आवे राधे,

रो रो के बुलाया करुँ ऐसी बना दे।

स्वर्ग सुख ना दे अपवर्ग सुख ना दे,

गोपीजन ते गोपी प्रेम दिला दे।

राधे राधे गावूँ नित ध्यावूँ नित राधे,

पुनि चाहे नरकहुँ वास दिला दे।

बिगरी बनाने वारी मेरी प्यारी राधे,

नर तनु बीता जाय बिगरी बना दे।

ब्रजरस बरसाने वारी प्यारी राधे,

ब्रजरस की इक बूँद पिला दे।

तू तो कृपा करे दीन जन पर राधे,

ऐसी कृपा करु मोहिं दीन बना दे।

तेरे सब सुत तो हैं खरे खरे राधे,

मुझ खोटे को भी खरे संग चला दे।

दीनबन्धु नाम ते तो आशा बँधे राधे,

भक्तवत्सल नाम मोहिं डरा दे।

जग का खिलौना दे के गई कित राधे,

Source page 158

बीते युग युग अब पय तो पिला दे।

तेरी सी कठोर माँ तो जग में न राधे,

रससिंधु हो के रस बिंदु मोहिं ना दे।

काऊ सों बताऊँ न मैं साँची कहूँ राधे,

चुपके ते इक रस बूँद पिला दे।

तेरा सुत माँगे भीख द्वार द्वार राधे,

तेरी लाज जाय याते प्रेम सुधा दे।

तेरी दासी मारे तेेरे सुत कहँ राधे,

उर बैठी देखे कैसी माँ है तू बता दे।

माना तू कहेगी प्रेम मैं न दउँ राधे,

काऊ गोपी ते कहि प्रेम दिला दे।

अच्छा हूँ बुरा हूँ जो हूँ तेरा ही हूँ राधे,

यदि मैं बुरा हूँ मोहिं अच्छा बना दे।

बुरे यदि होते नहिं जग महँ राधे,

अच्छों को भी अच्छा कौन कहता बता दे।

तेरे द्वार गये बड़े बड़े रंक राधे,

कोई खाली हाथ लौटा हो तो बता दे।

तू मोहिं प्यार करे या न करे राधे,

मैं तोहिं प्यार करुँ ऐसी बना दे।

Source page 159

एक दिन अवशि मिलोगी मोहिं राधे,

मम उर अस विश्वास दिला दे।

तुम बिनु जीना नहिं जीना कछु राधे,

ऐसे जीने ते तो मोहिं मौत दिला दे।

जग में बने बने के साथी सब राधे,

बिगरे का तुम बिनु कौन बता दे।

तेरी महिमा को श्रुतिहुँ ना जाने राधे,

माँगे वर काउ गोपी दासी बना दे।

अपनी ओर टुक हेरो प्यारी राधे,

हमरी “कृपालु” सब बिगरी बना दे।

ब्रज रस माधुरी · भाग २070
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 2. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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