कीर्तन 1–50
कीर्तन 7 · Kirtan 7
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
इष्टों में इष्ट तो है इष्ट श्यामा श्याम।
इष्टों में इष्ट तो है इष्ट श्यामा श्याम।
रसों में रस तो है रस श्यामा श्याम।
नामों में नाम तो हैं नाम श्यामा श्याम।
रूपों में रूप तो हैं रूप श्यामा श्याम।
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लीलाओं में लीला लीला श्यामा श्याम।
भक्तों में भक्त तो है भक्त श्यामा श्याम।
प्रेमों में प्रेम तो है प्रेम श्यामा श्याम।
दानियों में दानी है दानी श्यामा श्याम।
तेजों में तेज तो है तेज श्यामा श्याम।
ऐश्वर्य में तो ऐश्वर्य श्यामा श्याम।
माधुर्य में तो माधुर्य श्यामा श्याम।
औदार्य में तो औदार्य श्यामा श्याम।
सौकुमार्य में तो सौकुमार्य श्यामा श्याम।
सौशील्य में तो सौशील्य श्यामा श्याम।
