कीर्तन 1–50
कीर्तन 21 · Kirtan 21
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
तुम ही मम नंदकुमार, थे हो रहिहौ सरकार।
तुम ही मम नंदकुमार, थे हो रहिहौ सरकार।
तुम ही मम साँचो यार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
तू अंशी नंदकुमार, मैं तो हूँ अंश तिहार।
यह नात सोचु सरकार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
तू शक्तिमान सरकार, मैं तो हूँ शक्ति तिहार।
तोसों ही नात हमार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
तू आत्मा नंदकुमार, मैं तो हूँ देह तिहार।
यह कह तव वेद पुकार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
तू ही पितु नंदकुमार, तू ही माता रिझवार।
तू ही गति मति सरकार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
तू स्वामी नंदकुमार, तू ही है सखा हमार।
तू ही सुत पति सरकार, टुक हमरिहुँ ओर निहार।
तू दीनन को रखवार, तू पतितन को पतवार।
तू अधम उधारन हार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
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तव माया अपरंपार, गये विधि हरि हरहूँ हार।
हम तो अति लघु सरकार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
गावूँ नित नाम तिहार, ध्यावूँ नित तोहिं सरकार।
पावूँ रति तव रिझवार, टुक हमरिहुँ ओर निहार॥
