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ब्रज रस माधुरी

PART II · KIRTAN 87 · 95/142

कीर्तन 51–100

कीर्तन 87 · Kirtan 87

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

47 source linesपुस्तक पृष्ठ 218–220PDF 235–237

मोहिं मारे जनि मैं न माटी खायो मैया।

(नीको लागे...)

मोहिं मारे जनि मैं न माटी खायो मैया।

जेहि डर डर डर डर डर मैया।

तनु काँपे थर थर लखि साँटी मैया।

तनु निकसे पसीना लखि साँटी मैया।

दृग अँसुवन जल लखि साँटी मैया।

मैंने माटी को तो छुवा भी न मेरी मैया।

तू तो जाने मैं न बोलूँ कभू झूठ मैया।

ग्वाल बाल सब मेरे बैर परे मैया।

चाहे जिसकी खिला ले तू कसम मैया।

कान्ह कभू देखें साँटी कभू मुख मैया।

दाऊ भी तो कह माटी खायो कह मैया।

दाऊ भैया भी मिले हैं ग्वाल सँग मैया।

तू ने कहा था न देखो परदोष मैया।

तू कहे तो दोष सब का बता दूँ मैया।

अच्छा बेगि बता दे दोष कह मैया।

गैया बिच जनि जइयो तूने कहा मैया।

Source page 219

तू तो खेल्यो करियो तूने कहा मैया।

काउ गैया मारे लात तूने कहा मैया।

आज कही भैया गैया घेरि लावो मैया।

मैंने मानी नहिं भैया तब कही मैया।

चलु घर तोहिं पिटवावूँ कहि मैया।

आजु पुनि पुनि हारे ग्वाल खेल मैया।

याते ग्वाल बाल भी थे खिसियाये मैया।

सब मिलि झूठी बात बनाई मैया।

तू न मान तो ले लखु मोरा मुख मैया।

कान्हा सोचे अब नहिं मोहिं मारे मैया।

अब करि लेगी मेरा विश्वास मैया।

किंतु खोल मुख देखूँ ऐसा कह मैया।

कान्हा सोचे मुख खोलूँ जो तो मारे मैया।

नहिं खोलूँ यदि मुख तो भी मारे मैया।

अब तो न बचूँगो आजु मारे मैया।

डरि देखे पुनि पुनि साँटी कर मैया।

इतने में मुख खुल गया डर मैया।

तब आई योगमाया सन्मुख मैया।

वाने मुख में दिखाया जग दृग मैया।

Source page 220

अगणित ब्रह्माण्ड लखे मैया।

अगणित रवि शशि देखे मैया।

सब लखि डरि थर थर काँपे मैया।

गिरी साँटी कर निज दृग मूँदे मैया।

यह कान्ह है कोई देव सोचे मैया।

तब आई माया मोहिनि ढिंग मैया।

वाने मैया ने जो देखा सो भुलाया मैया।

पुनि उर ते कन्हैया को लगाया मैया।

बार बार चिपटाया मुख चूमा मैया।

भाजे ग्वाल सँग दाऊ भैया डर मैया।

राई नोन लै “कृपालु” उतारे मैया॥

ब्रज रस माधुरी · भाग २095
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 2. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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