कीर्तन 1–50
कीर्तन 36 · Kirtan 36
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मम स्वामी प्राणाधार, मम सखा श्याम सरकार।
मम स्वामी प्राणाधार, मम सखा श्याम सरकार।
मम सुत ब्रज राज दुलार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
जो मोर मुकुट सिर धार, जेहि लटकारी घुँघुरार।
जेहि मृग मद तिलक लिलार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
जो कानन कुंडल धार, जेहि नैनन अति रतनार।
जेहि चितवनि जादू डार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
जो नासा बेसर धार, जेहि मुख मुरली रिझवार।
जेहि मृदु मुसकनि बलिहार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
जो उर पीताम्बर धार, जेहि गर मणि मुक्तन हार।
जेहि गर बनमाला निहार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
जो दोउ कर कंकण धार, जेहि कटि किंकिणि छविदार।
जेहि काछनि कटि रिझवार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
जो कटि पीताम्बर धार, जेहि पग नूपुर झनकार।
जेहि चरण कमल बलिहार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
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जो सखिन प्राण साकार, जेहि अंश सबै अवतार।
जेहि तनु बह ब्रज रस धार, मम पिय सोइ नंदकुमार॥
