मन भाये राधारानी छवि अभिराम।
(नीको लागे...)
मन भाये राधारानी छवि अभिराम।
मन भाये राधारानी नाम सुख धाम।
मन भाये राधारानी दिव्य गुण ग्राम।
मन भाये राधारानी लीला ललाम।
मन भाये राधारानी बरसानो धाम।
मन भाये राधारानी सखि ब्रजबाम।
मन भाये कनक मुकुट अभिराम।
मन भाये मुकुट मणिन छविधाम।
मन भाये चन्द्रिका चमक अभिराम।
मन भाये शीशफूल शीश ललाम।
मन भाये सिर सेन्दुर छविधाम।
मन भाये सिर चुनरी अभिराम।
मन भाये घुँघुरारी वेणी ललाम।
मन भाये भाल बिंदी अभिराम।
मन भाये रतनारे दृग रस धाम।
मन भाये मतवारे दृग अभिराम।
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मन भाये दृग चितवनि अभिराम।
मन भाये कर्ण कर्णफूल छवि धाम।
मन भाये नासा नथ अभिराम।
मन भाये बेसर छवि छविधाम।
मन भाये अरुण अधर रस धाम।
मन भाये मृदु मुसुकनि अभिराम।
मन भाये कंकन कनक ललाम।
मन भाये पहुँची छवि अभिराम।
मन भाये बाजूबंद ललाम।
मन भाये अँगुरिन मुँदरी ललाम।
मन भाये कर लाली मेहँदी ललाम।
मन भाये गर लर दुलरी ललाम।
मन भाये गर लर तिलरी ललाम।
मन भाये मणिन हार उर धाम।
मन भाये उर कंचुकि अभिराम।
मन भाये नील वसन छविधाम।
मन भाये कटि किंकिनि अभिराम।
मन भाये किंकिनि धुनि अभिराम।
मन भाये नूपुर कनक ललाम।
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मन भाये नूपुर धुनि अभिराम।
मन भाये बिछुवनि छवि छविधाम।
मन भाये पग नख दुति अभिराम।
मन भाये जावक अरुण ललाम।
मन भाये गति मति रति अभिराम।
मन भाये मो “कृपालु” स्वामिनि श्याम॥