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ब्रज रस माधुरी

PART II · KIRTAN 105 · 113/142

कीर्तन 101–134

कीर्तन 105 · Kirtan 105

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

41 source linesपुस्तक पृष्ठ 263–265PDF 280–282

दे जा दे जा री सखी मोहिं दधि को दान।

(नथवारी रंगीली...)

दे जा दे जा री सखी मोहिं दधि को दान।

जो भी आवे येहि मग जावे दे के दान।

लागे नई आई ब्रज याते मोहिं न जान।

सूधे सूधे दे दे दान मेरो कहनो मान।

बिना दिये नहिं जाने पाये आगे जिय जान।

सखि कह तू न मोहिं कोउ ऐरी गैरी जान।

मैं हूँ श्यामा जू की सखियन परम प्रधान।

जाके कहूँ श्यामा जू को भूलि जाय लेना दान।

जा जा चला जा चला जा सूधो कहनो मान।

दान लिये बिनु जावूँ नहिं हौं कह कान्ह।

जो न देगी तो मैं छीन लूँगा मेरो नाम कान्ह।

Source page 264

मटुकिहुँ ते तू हाथ धोयेगी सच मान।

सखि कह लो मैं हारी तू ही जीता हठी कान्ह।

अच्छा जा जा ले आ लता पत्र दउँ दधि दान।

उत लेने गये लता पत्र कुंज बिच कान्ह।

इत सखि छुपि गई द्रुत कुंज लतान।

लता पत्र ले के आये नहिं पाये सखि कान्ह।

चहुँ दिशि ताके खरे खरे कान्ह खिसियान।

इतने में आईं तहँ श्यामा सँग सखियान।

लखि सखियन श्यामा सँग भाजि गये कान्ह।

आई सोइ सखि तब तजि कुं ज लतान।

वाने श्यामा को बतायो कारी करतूति कान्ह।

श्यामा जू ने कहा सब छुपो कुंज लतान।

एक सखि खरी रहु आवे पुनि सोइ कान्ह।

राधे राधे कहि दीजो जब आवे सोइ कान्ह।

तब सब इक सँग पकरहु तेहि कान्ह।

पुनि सब चुनरिन तरु बाँधु कान्ह।

जब सोउ माँगे मोहिं देउ मुक्ति दान।

तब कहु श्यामा जू ही देंगी मुक्ति दान।

पुनि कहु खा शपथ नहिं मागूँ दधि दान।

Source page 265

जब सात बार इमि कहि लेय कान्ह।

तब कहु पकरहु अब निज दोउ कान।

पुनि कहु उठो बैठो सात बार तुम कान्ह।

जब सब कर ले तो टेरो मोहिं सखियान।

सबने ही किया ऐसे बाँधे तरु महँ कान्ह।

कान्ह ने भी किया वैसे जैसे कह सखियान।

तब आईं स्वामिनि जू हूँ ढिंग कान्ह।

अब करहु कृपा दे दो मुक्ति कह कान्ह।

स्वामिनि कह छोड़ि देहु सखि कान्ह।

तब कह “कृपालु” द्रुत भजु घर कान्ह।

ब्रज रस माधुरी · भाग २113
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 2. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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