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RADHEY RADHEY
Reviewed cover for Braj Ras Madhuri Part 2

THE LIVING LIBRARY · VOLUME II

ब्रज रस माधुरीभाग २

Braj Ras Madhuri · Part 2

Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

Braj Ras Madhuri is a collection of bhajans, kirtans and devotional poetry by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj. Its songs describe Radha-Krishna's forms and pastimes in Braj, love for the guru, humility and practical devotion.

142 readings 134 kirtans351 source pages
A tanpura, drum, hand cymbals and open manuscript among lamps and garlands in a riverside Braj courtyard at dusk
AI-generated illustration for the Braj Ras Madhuri kirtan collection; the source cover is shown above.

IN THE ORDER OF THE BOOK

अनुक्रमणिका Contents

Each retained reading has its own page and source references.

142 / 142 पाठ · readings

प्रारम्भिक पृष्ठ6

  1. ·Braj Ras Madhuri (Hindi) Part-2पुस्तक परिचय · About the book—
  2. ·Published by: Radha Govind Samitiपुस्तक परिचय · About the book—
  3. ·ब्रजरस माधुरी · भाग 2पुस्तक परिचय · About the book—
  4. ·प्रकाशकीयपुस्तक परिचय · About the book—
  5. ·प्राक्कथनपुस्तक परिचय · About the book—
  6. ·जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराजपुस्तक परिचय · About the book—

प्रार्थना एवं आरती2

  1. ·राधे राधेप्रार्थना · Prayer—
  2. ·राधे राधेप्रार्थना · Prayer—

कीर्तन 1–5050

  1. 01गुरु चरण कमल बलिहार, गुरु पर तन मन धन वार।Kirtan 11
  2. 02मेरे गुरुवर भक्ति रस अवतार।Kirtan 22
  3. 03बलिहारी है तिहारी गुरु बलिहारी।Kirtan 35
  4. 04अद्वितीय इक तत्व कहाय।Kirtan 48
  5. 05एक बार ज्ञानी ऊधो पूछे बलभाय।Kirtan 512
  6. 06ओरी गोरी गोरी गोरी तोरी मोरी जोरी।Kirtan 615
  7. 07इष्टों में इष्ट तो है इष्ट श्यामा श्याम।Kirtan 717
  8. 08कृष्ण भक्ति ही वेद बताय।Kirtan 818
  9. 09तीन ही तत्व श्रुति नित्य बताय।Kirtan 921
  10. 10ब्रह्म रूप आनँद कहाय।Kirtan 1026
  11. 11ब्रह्मा भृगु संवाद सुनाय।Kirtan 1129
  12. 12भक्ति कल्प तरु सम श्रुति गाय।Kirtan 1232
  13. 13रूप रसो वै सः बलभाय।Kirtan 1335
  14. 14वेद तत्व परब्रह्म बताय।Kirtan 1438
  15. 15वेदन तीन तत्व बतलाय।Kirtan 1541
  16. 16सब शास्त्र वेद बतलाय, है लक्ष्य भक्ति बलभाय।Kirtan 1646
  17. 17साधन एक भक्ति श्रुति गाय।Kirtan 1747
  18. 18कब देखूँ नैनन छवि घनश्याम।Kirtan 1850
  19. 19तुम दीनन को रखवार, हम दीनन को सरदार।Kirtan 1955
  20. 20तजु मनमानी भजु नँदनंदन।Kirtan 2056
  21. 21तुम ही मम नंदकुमार, थे हो रहिहौ सरकार।Kirtan 2159
  22. 22तुम ही मम नंदकुमार, तुम स्वामि सखा सुत यार।Kirtan 2260
  23. 23तू भी मेरा यह माना मैंने बार बार।Kirtan 2361
  24. 24तू ही स्वामी बलभाय, है सखा तु ही बलभाय।Kirtan 2464
  25. 25तू ही तू ही तू ही तो है मेरा नँदनंदन,Kirtan 2565
  26. 26तेरे अगनित गुन गन नँदनंदन।Kirtan 2669
  27. 27धनि धनि प्रेम धनि धनि नँदनंदन,Kirtan 2771
  28. 28नाथों के नाथ दीनानाथ सो जगन्नाथ।Kirtan 2873
  29. 29प्राणधन नँदनंदन घनश्याम।Kirtan 2976
  30. 30बलिहारी बलिहारी वारी बनवारी।Kirtan 3078
  31. 31भज मन जीवन धन नँदनंदन।Kirtan 3182
  32. 32भज मन राधा रमन घनश्याम।Kirtan 3285
  33. 33भाय गयो भाय गयो बलभाय,Kirtan 3389
  34. 34मन करु सुमिरन यशुदा को ललन।Kirtan 3492
  35. 35मन तेरो साँचो मीत गोपाल।Kirtan 3595
  36. 36मम स्वामी प्राणाधार, मम सखा श्याम सरकार।Kirtan 3698
  37. 37मेरे चितघन आनन्दघन घनश्याम।Kirtan 3799
  38. 38वारी वारी वारी बनवारी छवि प्यारी।Kirtan 38101
  39. 39सत चित आनँदघन नँदनंदन।Kirtan 39107
  40. 40हैं बाँको सुंदर श्याम, हैं बाँको वाको नाम।Kirtan 40109
  41. 41अलबेली मम सरकार, जो महाभाव साकार।Kirtan 41111
  42. 42ऐसी अलबेली सरकार।Kirtan 42112
  43. 43जयति जयति जय भानुदुलार।Kirtan 43114
  44. 44जय जय राधारानी राधारानी राधारानी।Kirtan 44117
  45. 45जोइ अलबेली सरकार, सोइ प्रेम सुधा रस सार।Kirtan 45119
  46. 46ठकुरानी राधा रानी प्रेम सुख दानी,Kirtan 46121
  47. 47तेरी कृपा का भरोसा भारी राधारानी।Kirtan 47122
  48. 48तू तो मेरी थी है रहेगी भी राधारानी।Kirtan 48126
  49. 49तू ही तू ही तू ही तो है मेरी एक राधारानी,Kirtan 49128
  50. 50प्यारी प्यारी प्यारी प्यारी प्यारी छवि वारी।Kirtan 50131

कीर्तन 51–10050

  1. 51प्यारी राधा रानी ब्रज रस की खानी।Kirtan 51133
  2. 52प्यारी प्यारी सुकुमार, भोरी भारी सरकार।Kirtan 52136
  3. 53बरसाने वारी प्यारी जू पै वारी वारी।Kirtan 53137
  4. 54बलि बलि अलबेली सरकार।Kirtan 54140
  5. 55भज मन राधा राधा, रस प्रेम सुधा राधा।Kirtan 55142
  6. 56मन करु सुमिरन राधा, हैं जीवन धन राधा।Kirtan 56144
  7. 57मन भाये राधारानी छवि अभिराम।Kirtan 57147
  8. 58मम स्वामिनि श्यामा भाम, जाकर चाकर घनश्याम।Kirtan 58149
  9. 59मेरी प्यारी प्यारी प्यारी बरसाने वारी।Kirtan 59150
  10. 60मेरी प्यारी राधे बरसाने वारी राधे।Kirtan 60153
  11. 61मेरी राधारानी, हैँ ब्रज रस की खानी,Kirtan 61153
  12. 62मेरी राधे मेरी राधे मेरी प्यारी राधे,Kirtan 62154
  13. 63मेरी राधा रानी रस की खानी।Kirtan 63159
  14. 64मेरी राधा रानी हैं अवढर दानी।Kirtan 64162
  15. 65मेरी राधारानी राधारानी राधारानी।Kirtan 65164
  16. 66मेरी राधा रानी प्रेम रूप रस खानी,Kirtan 66167
  17. 67मेरो धन राधा जू को नाम।Kirtan 67169
  18. 68मोरी वृषभानु दुलार, भोरी भारी सुकुमार।Kirtan 68171
  19. 69वारी भोरी भारी बरसाने वारी प्यारी।Kirtan 69173
  20. 70वो बरसाने वारी, मनमोहन मन हारी।Kirtan 70175
  21. 71वो बरसाने वारी, वो सुख घन तन वारी।Kirtan 71176
  22. 72श्री वृन्दावन कुंज मझार।Kirtan 72178
  23. 73हमारे मन भाय गईं राधारानी।Kirtan 73181
  24. 74दोउ प्राणवल्लभ प्राणनाथ श्यामा श्याम।Kirtan 74183
  25. 75भोला भाला कह श्यामा सम श्याम।Kirtan 75191
  26. 76मम ठाकुर श्यामा श्याम, दोउ पूर्णकाम अभिराम।Kirtan 76194
  27. 77मेरे दोउ श्यामा श्याम, हैँ कोटि काम अभिराम।Kirtan 77195
  28. 78आ जा आ जा पुनि ब्रज आ जा नँदनंदन,Kirtan 78195
  29. 79जायो यशुमति सुत बलिहार।Kirtan 79196
  30. 80नंद घर ब्रह्म बन्यो नँदनंद।Kirtan 80199
  31. 81नंद महल महँ बजत बधाई।Kirtan 81202
  32. 82मेरे नँदनंदन मेरे यशुदा सुवन।Kirtan 82204
  33. 83आजु कान्ह को नीँद न आय।Kirtan 83206
  34. 84इक दिन आपुहिं यशुमति माय।Kirtan 84208
  35. 85पालने झूलत यशुमति लाल।Kirtan 85212
  36. 86बैठी सखि सँग यशुमति माय।Kirtan 86214
  37. 87मोहिं मारे जनि मैं न माटी खायो मैया।Kirtan 87218
  38. 88लाल कह मैया अस ब्रज बाल।Kirtan 88220
  39. 89सुनि सुनि उरहन खीझी माय।Kirtan 89223
  40. 90होड़ परी राम श्याम दोउ भाय।Kirtan 90226
  41. 91ओरी मोरी सखि लूट्यो मोहिं भल बलभाय।Kirtan 91228
  42. 92ओरे नटखट मोते न लिपट परे हट।Kirtan 92231
  43. 93ओरे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर।Kirtan 93233
  44. 94कामरि वारे पै का मरि जाय।Kirtan 94235
  45. 95काहे लिया चितचोर मोर चोर सिरमोर।Kirtan 95238
  46. 96किया कैसा जादू पिया जादूगर सरदार।Kirtan 96241
  47. 97चलु चलु चलु तजु अंचल चंचल।Kirtan 97244
  48. 98छल किया पिया छलि लिया मन छलिया।Kirtan 98246
  49. 99छू मंतर करि गयो मेरो यार।Kirtan 99249
  50. 100जा जा जा जा जा जाKirtan 100251

कीर्तन 101–13434

  1. 101तुम ही रहु ब्रज महँ इकली माय।Kirtan 101253
  2. 102तूने अब लौं छला मोहिं वो छलिया।Kirtan 102256
  3. 103तोहिं कहा भयो सखि मोहिं काहे न बताय।Kirtan 103258
  4. 104तोसों नहिं बोलूँ जारे जारे हरजाई।Kirtan 104261
  5. 105दे जा दे जा री सखी मोहिं दधि को दान।Kirtan 105263
  6. 106नारी जाने कछु प्रीति रीति बनवारी।Kirtan 106265
  7. 107निज कर निज गर फाँसी डार।Kirtan 107268
  8. 108पिय फोरी मोरी गागरि बरजोरी।Kirtan 108271
  9. 109पिया बिनु मोरा जिया हाय घबराय।Kirtan 109273
  10. 110भाय गयो भाय गयो भाय गयो बलभाय।Kirtan 110275
  11. 111मनिहारिनि बनि गये नंदकुमार।Kirtan 111278
  12. 112मिलि द्वै द्वै ह्वै गये चार यार।Kirtan 112280
  13. 113मैंने जाना नहिं तू ही मेरा पिय रसिया।Kirtan 113283
  14. 114मैं तो बिकि गई बिनु ही दाम सखी।Kirtan 114285
  15. 115मैं तो लुटि गइ लुटि गइ लुटि गइ यार।Kirtan 115288
  16. 116मैं तो लुटि गई बीच बजार सखी।Kirtan 116290
  17. 117मैंने जाना तोहिं भोरा भारा छोरा छलिया।Kirtan 117293
  18. 118मैंने जब ते लखी है सखी दृग बलभाय।Kirtan 118295
  19. 119मोरा चित चोरा काहे तू बता दे चितचोर।Kirtan 119298
  20. 120मोरा चोरा चित काहे चोरी चोरी चितचोर।Kirtan 120300
  21. 121मोते लिपट न निपट यमुन तट हट।Kirtan 121303
  22. 122यार सो ह्वै गये नैना चार।Kirtan 122305
  23. 123वाने जाने कैसा जादू किया पिया जादूगर।Kirtan 123308
  24. 124सखि नटखट नंदकुमार, हैं जादूगर सरदार।Kirtan 124310
  25. 125सखि कोउ देउ वैद बुलवाय।Kirtan 125311
  26. 126सुनु ओरी गोरी तोरी मोरी भल जोरी।Kirtan 126314
  27. 127जब ते मैं लखी सखि छवि वाय बलभाय।Kirtan 127316
  28. 128कीरति सोँ कुँवरि कहति तुतुराय।Kirtan 128318
  29. 129ओली मोली माय थुनु कह लाली तुतुराय।Kirtan 129321
  30. 130लरे भोरी भारी कुँवरि माय बिरुझाय।Kirtan 130323
  31. 131सो छबीली छबि छली अति छल बलिया।Kirtan 131326
  32. 132देखो देखो आली लाली आजु बनी गोरे ग्वाल।Kirtan 132328
  33. 133आली लखु लाली लाल झुलन बहार।Kirtan 133331
  34. 134सखि लखु सावन मास बहार।Kirtan 134333

पुस्तक स्रोत · About this reading edition

The Hindi / Braj text comes from the supplied published book. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति Each reading preserves its source page references. The reading index is also available as structured source data.

This is an unofficial, personal, partial collection. English meanings are unavailable in these supplied sources. The full Jagadguru Kripalu Parishat (JKP) literature catalogue is at JKP Literature; the related official book listing may describe a different edition. Official author website.

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