कीर्तन 101–125
कीर्तन 122 · Kirtan 122
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
सुधि लो हमारी बरसाने वारी प्यारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
भली हूँ बुरी हूँ जो हूँ हूँ तो तिहारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
तुम बिनु पतितन कौन सुने प्यारी।
Source page 189
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
मोसो न भिखारी तोसो दाता नहीं प्यारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
शिशु बनि रोवो अइहै भाजि भाजि प्यारी।
प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,
अगति की गति बरसाने वारी प्यारी।
