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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 122 · 126/129

कीर्तन 101–125

कीर्तन 122 · Kirtan 122

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

19 source linesपुस्तक पृष्ठ 188–189PDF 199–200

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

(जयति रँगीली...)

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

सुधि लो हमारी बरसाने वारी प्यारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

शरण शरण मैं तो शरण तिहारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

भली हूँ बुरी हूँ जो हूँ हूँ तो तिहारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

तुम बिनु पतितन कौन सुने प्यारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

तोहिं तजि कहाँ जाऊँ तू ही बता प्यारी।

Source page 189

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

मोसो न भिखारी तोसो दाता नहीं प्यारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

शिशु बनि रोवो अइहै भाजि भाजि प्यारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

अगति की गति बरसाने वारी प्यारी।

प्यारी प्यारी भोरी भारी भानुदुलारी,

कहत “कृपालु” सब बोलो जय हो प्यारी॥

ब्रज रस माधुरी · भाग ३126
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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