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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 17 · 21/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 17 · Kirtan 17

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

35 source linesपुस्तक पृष्ठ 39–41PDF 50–52

जय हो युगल नवल सरकार, बलिहार बलिहार।

इक गौर वरन तन धार, बलिहार बलिहार।

इक नीलकमल अनुहार, बलिहार बलिहार।

इक अति भोरी सरकार, बलिहार बलिहार।

इक नटखट नट अनुहार, बलिहार बलिहार।

इक मेरी सीधी सादी सरकार, बलिहार बलिहार।

इक मेरे टेढ़े मेढ़े सरकार, बलिहार बलिहार।

इक सखी अगनित को यार, बलिहार बलिहार।

इक एक श्यामहिं सो यार, बलिहार बलिहार।

Source page 40

इक नृपवृषभानुदुलार, बलिहार बलिहार।

इक गोकुल ग्वाल गँवार, बलिहार बलिहार।

इक छवि सोरह शंृगार, बलिहार बलिहार।

इक नटवर भेष सँवार, बलिहार बलिहार।

इक नागरि भानुदुलार, बलिहार बलिहार।

इक नागर नंदकुमार, बलिहार बलिहार।

इक प्रेम रूप साकार, बलिहार बलिहार।

इक रसिकन को सरदार, बलिहार बलिहार।

इक संग अगनित ब्रजनार, बलिहार बलिहार।

इक संग रह ग्वार गमार, बलिहार बलिहार।

इक मोहन मोहनहार, बलिहार बलिहार।

इक मदन विमोहनहार, बलिहार बलिहार।

इक ब्रजरस की दातार, बलिहार बलिहार।

इक ब्रजरस याचनहार, बलिहार बलिहार।

इक प्रेम रूप रस सार, बलिहार बलिहार।

इक रसिक भ्रमर अनुहार, बलिहार बलिहार।

इक आत्मा नंदकुमार, बलिहार बलिहार।

इक आत्मा सब संसार, बलिहार बलिहार।

इक स्वामिनि नंदकुमार, बलिहार बलिहार।

Source page 41

इक सेवक कीर्ति कुमार, बलिहार बलिहार।

इक बाँटत केवल प्यार, बलिहार बलिहार।

इक कर असुरन संहार, बलिहार बलिहार।

इक बनि गये नंदकुमार, बलिहार बलिहार।

इक बनि गई भानुदुलार, बलिहार बलिहार।

दोउ गर दोउ बाँहीं डार, बलिहार बलिहार।

दोउ ओर “कृपालु” निहार, बलिहार बलिहार।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३021
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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