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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 38 · 42/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 38 · Kirtan 38

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

16 source linesपुस्तक पृष्ठ 88–89PDF 99–100

प्यारी प्यारी भोरी भारी, प्यारी बरसाने वारी।

(राधे राधे गोविन्दा - 2)

प्यारी प्यारी भोरी भारी, प्यारी बरसाने वारी।

आजा मेरे उर प्यारी, तहँ मिलेंगे बनवारी।

Source page 89

प्यारी छवि लखि प्यारी, आपु जाय वारी वारी।

प्यारी बरसाने वारी, प्यारी बरसाने वारी।

मेरी बरसाने वारी, प्यारी प्यारी भोरी भारी।

नथवारी सुकुमारी, ऊँचे महलन वारी।

मादन रस वारी, तोपै बनवारी वारी।

मेरो प्राण बनवारी, बनवारी प्राण प्यारी।

जय हो जय हो बनवारी, जय हो जय हो जय हो प्यारी।

प्यारी ध्यावें बनवारी, बनवारी ध्यावें प्यारी।

बड़भागी नर नारी, ध्यावें बनवारी प्यारी।

मेरी प्यारी ऐसी प्यारी, पाछे डोलें बनवारी।

मेरी प्यारी ऐसी प्यारी, लट्टू बने बनवारी।

लखि प्यारी असवारी, पिय बोलें जय हो प्यारी।

अति ही “कृपालु” प्यारी सब बोलो जय जय प्यारी॥

ब्रज रस माधुरी · भाग ३042
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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