कीर्तन 1–50
कीर्तन 9 · Kirtan 9
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
कृपा करु बरसाने वारी, तेरी कृपा का भरोसा भारी।
कृपा करु बरसाने वारी, तेरी कृपा का भरोसा भारी।
तू ही मेरी साँचि महतारी, तूने कहा श्रुति महँ प्यारी।
तेरा मन है कृपा का प्यारी, तेरा तन है कृपा का प्यारी।
तेरी कृपा तो कृपा है प्यारी, तेरा कोप भी कृपा है प्यारी।
तेरी कृपा चह बनवारी, तेरी कृपा की है बलिहारी।
तेरी कृपा ते ही बनवारी, करें जीवों पर कृपा प्यारी।
कृपा पर कृपा करें प्यारी, ऐसी कृपा पर वारी वारी।
जापै टुक कृपा करें प्यारी, वाके पाछे डोलें बनवारी।
सुनि कृपा का विरद प्यारी, तेरे द्वार भीड़ भारी प्यारी।
कोउ हो या ना हो अधिकारी, सब पर कृपा करें प्यारी।
मुझ पर कृपा करु प्यारी, तब जानूँ तू कृपालु प्यारी।
तू कृपा ते न अघाति प्यारी, तेरा रोम रोम कृपा प्यारी।
तेरा मन इन्द्रिय प्यारी, कृपा सोचे कृपा करे प्यारी।
तू तो खाते पीते सोते प्यारी, सोचे कृपा कृपा कृपा प्यारी।
