कीर्तन 51–100
कीर्तन 54 · Kirtan 54
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
प्यारी प्यारी भोरी भारी नथवारी प्यारी,
प्यारी प्यारी भोरी भारी नथवारी प्यारी,
जय हो जय हो जय हो जय हो बरसाने वारी।
वृषभानुदुलारी सुकुमारी प्यारी,
तोपै वारी वारी वारी महलन वारी।
तेरे पाछे पाछे डोले बनवारी प्यारी,
Source page 109
आगे चलें प्यारी पाछे-पाछे ब्रजनारी,
वाके पाछे चलि पिय बोलें जय हो प्यारी।
