कीर्तन 1–50
कीर्तन 12 · Kirtan 12
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम।
मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम।
मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, दोऊ कोटि काम अभिराम।
मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, दोऊ सत चित सुखधाम।
मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम दोऊ एकहिं द्वै नाम।
श्याम जपें नित्य श्यामा नाम, श्यामा जपें नित श्याम नाम।
श्यामा कह भज नित श्याम, श्यामा भज नित कह श्याम।
श्यामा रस पियें घनश्याम, श्यामा पियें रस घनश्याम।
धनि धनि तिन ब्रजबाम, जिन पियें रस श्यामा श्याम।
तुम ही तो गति श्यामा श्याम, तुम ही तो मति श्याम।
तुम मेरे प्राण श्यामा श्याम, तुम मेरे प्राण श्यामा श्याम।
गाओ रे “कृपालु” श्यामा श्याम, ध्यावो नित रूप श्यामा श्याम।।
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होड़ जब प्यारी प्यारे, जीतें प्यारी हारें प्यारे।
दोउ एक प्यारी प्यारे, लीला तनु द्वै धारे।
श्री राधा शरणं, श्री कृष्णः शरणम्।
राधा राधा राधा शरणं, श्री राधा शरणम्।
श्री गिरिधर शरणं, श्री गुरुवर शरणम्।
श्री श्यामा शरणं, श्री श्याम शरणम्।
मम श्यामा शरणं, मम श्यामः शरणम्।
वन्देऽहं श्यामं, वन्देऽहं श्यामम्।
आजा आजा गोविन्दा, आजा आजा गोविन्दा।
आजा आजा गोविन्दा, आ के ना जा गोविन्दा।
आजा आजा नँदनंदा, आ जा यशुमति नन्दा।
आजा आजा नँदनंदा, आजा आजा सुखकन्दा।
गोविन्दा गोविन्दा गोविन्दा, आजा आजा गोविन्दा।
