लोड हो रहा है…लोड हुँदैछ…
Skip to main content

ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 12 · 16/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 12 · Kirtan 12

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

30 source linesपुस्तक पृष्ठ 20–21PDF 31–32

मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम।

(गोविन्दा गोविन्दा . . .)

मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम।

मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, दोऊ कोटि काम अभिराम।

मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम, दोऊ सत चित सुखधाम।

मेरे श्यामा श्याम श्यामा श्याम दोऊ एकहिं द्वै नाम।

श्याम जपें नित्य श्यामा नाम, श्यामा जपें नित श्याम नाम।

श्यामा कह भज नित श्याम, श्यामा भज नित कह श्याम।

श्यामा रस पियें घनश्याम, श्यामा पियें रस घनश्याम।

धनि धनि तिन ब्रजबाम, जिन पियें रस श्यामा श्याम।

तुम ही तो गति श्यामा श्याम, तुम ही तो मति श्याम।

तुम मेरे प्राण श्यामा श्याम, तुम मेरे प्राण श्यामा श्याम।

गाओ रे “कृपालु” श्यामा श्याम, ध्यावो नित रूप श्यामा श्याम।।

(गोविन्दा गोविन्दा . . .)

प्यारे प्यारी प्यारी प्यारे, मेरे दोऊ प्यारी प्यारे।

एक गोरी इक कारे, दोऊ प्रानन प्यारे।

Source page 21

होड़ जब प्यारी प्यारे, जीतें प्यारी हारें प्यारे।

दोउ एक प्यारी प्यारे, लीला तनु द्वै धारे।

श्री राधा शरणं, श्री कृष्णः शरणम्।

राधा राधा राधा शरणं, श्री राधा शरणम्।

श्री गिरिधर शरणं, श्री गुरुवर शरणम्।

श्री श्यामा शरणं, श्री श्याम शरणम्।

मम श्यामा शरणं, मम श्यामः शरणम्।

वन्देऽहं श्यामं, वन्देऽहं श्यामम्।

आजा आजा गोविन्दा, आजा आजा गोविन्दा।

आजा आजा गोविन्दा, आ के ना जा गोविन्दा।

आजा आजा नँदनंदा, आ जा यशुमति नन्दा।

आजा आजा नँदनंदा, आजा आजा सुखकन्दा।

गोविन्दा गोविन्दा गोविन्दा, आजा आजा गोविन्दा।

आजा आजा आजा आजा, पुनि ब्रज ब्रजरस बरसा जा।

आजा आजा ब्रज के राजा, आके ब्रजरस बरसा जा।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३016
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

Related official book listing · Official full collection · Official author website · Read as text