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ब्रज रस माधुरी

PART III · KIRTAN 16 · 20/129

कीर्तन 1–50

कीर्तन 16 · Kirtan 16

Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

71 source linesपुस्तक पृष्ठ 35–39PDF 46–50

जय हो जय हो अलबेलो सरकार, बलिहार बलिहार।

जय हो नागर नंदकुमार, बलिहार बलिहार।

जय हो राधा प्राणाधार, बलिहार बलिहार।

जय हो सखिन प्राण साकार, बलिहार बलिहार।

जय हो रसिकन को सरदार, बलिहार बलिहार।

जय हो निराधार आधार, बलिहार बलिहार।

Source page 36

जय हो दीनन को रखवार, बलिहार बलिहार।

जय हो पतितन की पतवार, बलिहार बलिहार।

जय हो अधम उधारन हार, बलिहार बलिहार।

जय हो शरणागत रिझवार, बलिहार बलिहार।

जय हो कृपा रूप साकार, बलिहार बलिहार।

जय हो छैल छबीलो सरकार, बलिहार बलिहार।

जय हो गुण गर्वीलो सरकार, बलिहार बलिहार।

जय हो रास रचावन हार, बलिहार बलिहार।

जय हो प्रेमसुधारस सार, बलिहार बलिहार।

जय हो विधि हरि हर करतार, बलिहार बलिहार।

जय हो निगम ना पायो पार, बलिहार बलिहार।

जय हो नेति कहति श्रुति चार, बलिहार बलिहार।

जय हो मदन विमोहनहार, बलिहार बलिहार।

जय हो कोटि काम बलिहार, बलिहार बलिहार।

जय हो नटवर भेष सँवार, बलिहार बलिहार।

जय हो सगुण ब्रह्म साकार, बलिहार बलिहार।

जय हो नराकार आकार, बलिहार बलिहार।

जय हो करु णा को भण्डार, बलिहार बलिहार।

जय हो सब जग पालनहार, बलिहार बलिहार।

Source page 37

जय हो ब्रजरस साहूकार, बलिहार बलिहार।

जय हो यशुमति राजदुलार, बलिहार बलिहार।

जय हो जीवनधन ब्रजनार, बलिहार बलिहार।

जय हो सब जीवन भरतार, बलिहार बलिहार।

जय हो रसिकन साँचो यार, बलिहार बलिहार।

जय हो असुरन गति दातार, बलिहार बलिहार।

जय हो जय हो जादूगर सरदार, बलिहार बलिहार।

जय हो लम्पट के सरदार, बलिहार बलिहार।

जय हो कुबरी नारी को यार, बलिहार बलिहार।

जय हो जय हो ब्रजनारिन यार, बलिहार बलिहार।

जय हो चौर जार सरदार, बलिहार बलिहार।

जय हो कनक मुकट सिर धार, बलिहार बलिहार।

जय हो मुकुट मणिन उजियार, बलिहार बलिहार।

जय हो मोर पंख छविदार, बलिहार बलिहार।

जय हो कच कारे घुँघुरार, बलिहार बलिहार।

जय हो भाल तिलक लिये धार, बलिहार बलिहार।

जय हो श्रुति मणि कुण्डल धार, बलिहार बलिहार।

जय हो भृकुटी धनु अनुहार, बलिहार बलिहार।

जय हो नैन सहज कजरार, बलिहार बलिहार।

Source page 38

जय हो चितवनि जादू डार, बलिहार बलिहार।

जय हो चल दृग अंचल वार, बलिहार बलिहार।

जय हो नासा बेसर धार, बलिहार बलिहार।

जय हो मृदु मुसकनि बलिहार, बलिहार बलिहार।

जय हो कर मणि कंकण धार, बलिहार बलिहार।

जय हो अंगुरिन मुंदरिन धार, बलिहार बलिहार।

जय हो कंध पीतपट धार, बलिहार बलिहार।

जय हो विविध मणिन उर हार, बलिहार बलिहार।

जय हो वनमाला छविदार, बलिहार बलिहार।

जय हो विविध मोतियन हार, बलिहार बलिहार।

जय हो कौस्तुभ मणि उर धार, बलिहार बलिहार।

जय हो उर भृगु पद लिये धार, बलिहार बलिहार।

जय हो कटि पीताम्बर धार, बलिहार बलिहार।

जय हो कटि काछनि छविदार, बलिहार बलिहार।

जय हो कटि मणि किंकिणि धार, बलिहार बलिहार।

जय हो किंकिनि धुनि झनकार, बलिहार बलिहार।

जय हो दोउ पग पायल धार, बलिहार बलिहार।

जय हो नूपुर धुनि झनकार, बलिहार बलिहार।

जय हो तनु बह ब्रजरस धार, बलिहार बलिहार।

Source page 39

जय हो दिव्य प्रेम अवतार, बलिहार बलिहार।

जय हो निज मन मोहन हार, बलिहार बलिहार।

जय हो लतन पतन दिये प्यार, बलिहार बलिहार।

जय हो चेतन जड़ अनुहार, बलिहार बलिहार।

जय हो जड़ चेतनता धार, बलिहार बलिहार।

जय हो सोई साँचो दरबार, बलिहार बलिहार।

जय हो सब सत्संगिन यार, बलिहार बलिहार।

जय हो मम “कृपालु” सरकार, बलिहार बलिहार।।

ब्रज रस माधुरी · भाग ३020
Source, meanings & reading links

Source book: Braj Ras Madhuri Part 3. जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज · राधा गोविंद समिति This is an unofficial, personal, partial collection.

English meaning: unavailable. A separate Hindi meaning is unavailable in this supplied source.

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