कीर्तन 1–50
कीर्तन 16 · Kirtan 16
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
जय हो जय हो अलबेलो सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो नागर नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
जय हो राधा प्राणाधार, बलिहार बलिहार।
जय हो सखिन प्राण साकार, बलिहार बलिहार।
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जय हो दीनन को रखवार, बलिहार बलिहार।
जय हो पतितन की पतवार, बलिहार बलिहार।
जय हो अधम उधारन हार, बलिहार बलिहार।
जय हो शरणागत रिझवार, बलिहार बलिहार।
जय हो कृपा रूप साकार, बलिहार बलिहार।
जय हो छैल छबीलो सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो गुण गर्वीलो सरकार, बलिहार बलिहार।
जय हो रास रचावन हार, बलिहार बलिहार।
जय हो प्रेमसुधारस सार, बलिहार बलिहार।
जय हो विधि हरि हर करतार, बलिहार बलिहार।
जय हो निगम ना पायो पार, बलिहार बलिहार।
जय हो नेति कहति श्रुति चार, बलिहार बलिहार।
जय हो मदन विमोहनहार, बलिहार बलिहार।
जय हो कोटि काम बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो नटवर भेष सँवार, बलिहार बलिहार।
जय हो सगुण ब्रह्म साकार, बलिहार बलिहार।
जय हो नराकार आकार, बलिहार बलिहार।
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जय हो ब्रजरस साहूकार, बलिहार बलिहार।
जय हो यशुमति राजदुलार, बलिहार बलिहार।
जय हो जीवनधन ब्रजनार, बलिहार बलिहार।
जय हो सब जीवन भरतार, बलिहार बलिहार।
जय हो रसिकन साँचो यार, बलिहार बलिहार।
जय हो असुरन गति दातार, बलिहार बलिहार।
जय हो जय हो जादूगर सरदार, बलिहार बलिहार।
जय हो लम्पट के सरदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कुबरी नारी को यार, बलिहार बलिहार।
जय हो जय हो ब्रजनारिन यार, बलिहार बलिहार।
जय हो चौर जार सरदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कनक मुकट सिर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो मुकुट मणिन उजियार, बलिहार बलिहार।
जय हो मोर पंख छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कच कारे घुँघुरार, बलिहार बलिहार।
जय हो भाल तिलक लिये धार, बलिहार बलिहार।
जय हो श्रुति मणि कुण्डल धार, बलिहार बलिहार।
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जय हो चितवनि जादू डार, बलिहार बलिहार।
जय हो चल दृग अंचल वार, बलिहार बलिहार।
जय हो नासा बेसर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो मृदु मुसकनि बलिहार, बलिहार बलिहार।
जय हो कर मणि कंकण धार, बलिहार बलिहार।
जय हो अंगुरिन मुंदरिन धार, बलिहार बलिहार।
जय हो कंध पीतपट धार, बलिहार बलिहार।
जय हो विविध मणिन उर हार, बलिहार बलिहार।
जय हो वनमाला छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो विविध मोतियन हार, बलिहार बलिहार।
जय हो कौस्तुभ मणि उर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो उर भृगु पद लिये धार, बलिहार बलिहार।
जय हो कटि पीताम्बर धार, बलिहार बलिहार।
जय हो कटि काछनि छविदार, बलिहार बलिहार।
जय हो कटि मणि किंकिणि धार, बलिहार बलिहार।
जय हो किंकिनि धुनि झनकार, बलिहार बलिहार।
जय हो दोउ पग पायल धार, बलिहार बलिहार।
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जय हो दिव्य प्रेम अवतार, बलिहार बलिहार।
जय हो निज मन मोहन हार, बलिहार बलिहार।
जय हो लतन पतन दिये प्यार, बलिहार बलिहार।
जय हो चेतन जड़ अनुहार, बलिहार बलिहार।
जय हो जड़ चेतनता धार, बलिहार बलिहार।
जय हो सोई साँचो दरबार, बलिहार बलिहार।
