कीर्तन 1–50
कीर्तन 2 · Kirtan 2
Kirtan by Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj
जय हो जय हो सद्गुरु सरकार, बलिहार बलिहार।
तोपै कोटि प्राण दउँ वार, बलिहार बलिहार।
तू तो दूजो नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तू तो विधि हरि हर अवतार, बलिहार बलिहार।
तू तो सगुण ब्रह्म साकार, बलिहार बलिहार।
तू तो दिव्य ज्ञान दातार, बलिहार बलिहार।
तू तो दिव्य प्रेम दातार, बलिहार बलिहार।
तू तो पतितन की पतवार, बलिहार बलिहार।
तू तो सब को साँचो यार, बलिहार बलिहार।
तू तो अधम उधारन हार, बलिहार बलिहार।
तू तो करु णा को भंडार, बलिहार बलिहार।
तू तो कृपा रूप साकार, बलिहार बलिहार।
तू तो रसिकन को सरदार, बलिहार बलिहार।
तू तो नित कर पर उपकार, बलिहार बलिहार।
तू तो बिगरी बनावन हार, बलिहार बलिहार।
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तेरे पाछे डोले नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तेरे वश रह नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तेरा सुख चह नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तोहिं रिझवत नित रिझवार, बलिहार बलिहार।
तेरे भक्तों पै हरि बलिहार, बलिहार बलिहार।
तेरा ही है साँचो दरबार, बलिहार बलिहार।
तोपै बलि बलि नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तोहि बैकुण्ठहुँ लग खार, बलिहार बलिहार।
तेरी दासी मुक्ति हुँ चार, बलिहार बलिहार।
तेरी मुट्ठी में नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तेरी पदरज चह रिझवार, बलिहार बलिहार।
तेरो ऋणिया नंदकुमार, बलिहार बलिहार।
तेरो क्रीतदास रिझवार, बलिहार बलिहार।
